जन्तु ऊतक Animal Tissue
ऊतकों का अध्ययन जीव विज्ञान की जिस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है, उसे औतिकी (Histology) कहते हैं। इस शाखा
Read morecolormag domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/vivace/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131ऊतकों का अध्ययन जीव विज्ञान की जिस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है, उसे औतिकी (Histology) कहते हैं। इस शाखा
Read moreइस उपवर्ग में उच्च स्तनधारी सम्मिलित होते हैं। इनमें बाह्य कर्ण उपस्थित होता है। इनमें भ्रूण मादा के गर्भाशय में
Read moreइस उपवर्ग के जन्तु न तो अण्डे देते हैं और न ही पूर्ण विकसित बच्चे को जन्म देते हैं अर्थात्
Read moreऐसे स्तनधारी कई लक्षणों में सरीसृपों की तरह होते हैं। ये अण्डे देने वाले स्तनधारी हैं। इसलिए इन्हें ओवीपेरस (Oviparous)
Read moreइस वर्ग के जन्तु उच्चतापी एवं नियततापी (stenothermal) होते हैं अर्थात् इनके शरीर का ताप बाह्य वातावरण के तापमान परिवर्तन
Read moreये नियततापी (warm blooded) जंतु होते हैं। ये हवा में उड़ते भी हैं तथा जमीन पर तेजी से चलते भी
Read moreये साधारणतः स्थलवासी होते हैं लेकिन कुछ जलवासी भी होते हैं। ये थल पर रेंगकर (Repere=Crawl) चलते हैं। इसलिए इस
Read moreइस वर्ग के सदस्य जल और स्थल दोनों में पाये जाते हैं। इसीलिए इनका नाम एम्फीबिया या उभयचर (Amphi =
Read moreइस संघ की स्थापना बैल्फोर (Balfour) नामक वैज्ञानिक ने की थी। इस संघ की 55,000 विद्यमान एवं 25,000 विलुप्त जातियाँ
Read moreइस संघ के जंतु सामान्यतः समुद्री होते हैं तथा इनकी त्वचा पर कटिकाएँ पायी जाती हैं। त्वचा पर कटिकाएँ पाये
Read moreमोलस्का शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम अरस्तू (Aristotle) ने कटल फिश के लिए किया था। मोलस्का अकशेरुकी का दूसरा सबसे बड़ा
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