अठ्ठानवेवां संविधान (संशोधन) अधिनियम, 2012 Ninety-Eight Constitutional (Amendment) Act, 2012

118वां संविधान संशोधन विधेयक, 2012 जनवरी 2013 में राष्ट्रपति की स्वीकृति के पश्चात् 98वां संविधान (संशोधन) अधिनियम, 2012 बन गया। इस अधिनियम द्वारा भारत के संविधान के भाग-21 में अनुच्छेद-371झ के बाद एक नया अनुच्छेद-371ञ जोड़ा गया है। भाग-21 में अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध हैं। अनुच्छेद-371ञ कर्नाटक के राज्यपाल को हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास हेतु कदम उठाने के लिए सशक्त करता है। इस क्षेत्र में गुलबर्गा, बीदर, रायचूर, कोप्पल, यादगीर एवं बेल्लारी जिले शामिल हैं।

राष्ट्रपति आदेश द्वारा कर्नाटक के संदर्भ में राज्यपाल को कोई विशेष जिम्मेदारी प्रदान कर सकता है, जिसमें शामिल हैं- (क) हैदराबाद- कर्नाटक क्षेत्र के लिए एक पृथक् विकास बोर्ड की स्थापना इस प्रावधान के साथ कि बोर्ड के कार्यकरण संबंधी प्रतिवेदन प्रत्येक वर्ष राज्य विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा; (ख) समग्र रूप से राज्य की आवश्यकता के विषयाधीन रहते हुए, हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकासपरक व्यय हेतु वित्त का एकसमान आवंटन; और (ग) समग्र रूप से राज्य की आवश्यकता के विषयाधीन रहते हुए, लोक नियोजन, शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के मामलों में हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों को एकसमान अवसर एवं सुविधाएं प्रदान करना।

उल्लिखित क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों को एकसमान अवसर एवं है जिसमें शामिल हैं- (क) जन्म से या अधिवास द्वारा हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र से सम्बद्ध विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में स्थित शैक्षिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्थानों के अनुपात में आरक्षण; और (ख) हैदराबाद कर्नाटक क्षेत्र में राज्य सरकार के अधीन पदों या पदों के वर्गों और राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन किसी निकाय या संगठन में पदों की पहचान और ऐसे व्यक्तियों के लिए स्थानों के अनुपात में पदों में आरक्षण जो उस क्षेत्र से जन्म से या अधिवास द्वारा और सीधी भर्ती द्वारा नियुक्ति से या पदोन्नति द्वारा या आदेश में उल्लिखित किसी अन्य तरीके से सम्बद्ध हो।

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