मौर्य युग का पतन The Fall of Mauryan Era
अशोक के उत्तराधिकारी अशोक की मृत्यु के उपरांत मौर्य साम्राज्य का इतिहास अत्यंत तिमिरावृत्त हो जाता है। उसके उत्तराधिकारियों का
Read morecolormag domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/vivace/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131अशोक के उत्तराधिकारी अशोक की मृत्यु के उपरांत मौर्य साम्राज्य का इतिहास अत्यंत तिमिरावृत्त हो जाता है। उसके उत्तराधिकारियों का
Read moreशिक्षा, भाषा और साहित्य मौर्य काल में शिक्षा, भाषा और साहित्य के क्षेत्र में अच्छी उन्नति हुई। मौर्य कालीन शासकों
Read moreकौटिल्य ने भारत के प्राचीन धर्म को त्रयी धर्म कहा है। इस काल में ऐसे धार्मिक सम्प्रदायों की सत्ता थी
Read moreवस्तुत: बुद्ध युग में पशुचारण अर्थव्यवस्था एक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ढल चुकी थी। इस काल में वाणिज्य और व्यापार का
Read moreआर्थिक दृष्टि से मौर्य काल को बहुमुखी प्रगति का युग कह सकते हैं। इस काल में न केवल कृषि उत्पादन
Read moreकौटिल्य अर्थशास्त्र में अध्ययन से मौर्य-साम्राज्य के केन्द्रीय संगठन के सम्बन्ध में भली-भाँति परिचय मिलता है। इस काल में शासन
Read moreमौर्य शासकों ने देवानामपिय्य की उपाधि लेकर मध्यस्थों की भूमिका कम करने की कोशिश की। धर्मशास्त्र के अनुसार राजा केवल
Read moreमौयों की उत्पति- इनकी उत्पति के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। बौद्ध ग्रन्थों में मौर्य को क्षत्रिय माना गया
Read moreजिस समय देश के सीमांत प्रदेशों पर यूनानी आक्रमणकारी सिकन्दर अपना तूफानी आक्रमण कर रहा था उसी समय मगध में
Read moreमज्झिम निकाय तथा निदान कथा से महात्मा बुद्ध के जन्म की कथा का बोध होता है। गौतम बुद्ध का जन्म
Read moreजैन धर्म की मान्यता के अनुसार यह काफी पुराना और शाश्वत धर्म है। यह अनादि काल से प्रारंभ हुआ है।
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