राष्ट्रीय कृषि नीति National Agricultural Policy

28 जुलाई, 2000 को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि नीति घोषित की गई। इस नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं- भारतीय कृषि की छिपी हुई व्यापक विकास संभावनाओं को खोजकर उनका सम्पूर्ण लाभ उठाना; ग्रामीण अवसंरचना को और अधिक दृढ़ बनाना ताकि कृषि सम्बन्धी विकास को प्रोत्साहन मिल सके; ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिकाधिक अवसरों का सृजन करना; कृषकों, कृषि श्रमिकों एवं उनके परिवारों हेतु समुचित जीवन स्तर की व्यवस्था करना; ग्रामीण क्षेत्रों की ओर से शहरों की ओर पलायन पर अंकुश लगाना, तथा; आर्थिक उदारीकरण एवं भूमण्डलीकरण से उत्पन्न होने वाली विभिन्न चुनौतियों का सामना करना।

लक्ष्य

  • कृषि क्षेत्र में 4 प्रतिशत प्रतिवर्ष से अधिक संवृद्धि दर प्राप्त करना।
  • ऐसा कृषि विकास सुनिश्चित करना जो संसाधनों का कुशल प्रयोग कर सके तथा हमारे भूमि, जल एवं जैव-विविधता की रक्षा कर सके।
  • विकास के साथ-साथ समानता अर्थात् ऐसा विकास जो सभी क्षेत्रों में और सभी किसानों को लाभान्वित कर सके।
  • विकास मांग से प्रेरित हो तथा घरेलू बाजारों की आवश्यकता को पूर्ण करने के साथ-साथ आर्थिक उदारीकरण एवं भूमण्डलीकरण से उत्पन्न कृषि निर्यातों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए अधिकाधिक लाभ प्राप्त कर सके।
  • विकास जो तकनीकी रूप से, पर्यावरण सुधार के रूप से तथा आर्थिक रूप से धारणीय हो।

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