Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the colormag domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/vivace/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
संघ मोलस्का Phylum Mollusca – Vivace Panorama

संघ मोलस्का Phylum Mollusca

 मोलस्का शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम अरस्तू (Aristotle) ने कटल फिश के लिए किया था। मोलस्का अकशेरुकी का दूसरा सबसे बड़ा संघ है। इसकी लगभग 80,000 जीवित जातियाँ हैं और लगभग 35,000 विलुप्त जातियाँ जीवाश्म (Fossil) के रूप में पायी जाती है। इस संघ का नामकरण जोन्स्टन (Johnston) नामक वैज्ञानिक ने 1960 ई. में किया था। इनका शरीर कोमल होने के कारण इन्हें मोलस्का कहा जाता है। सामान्यतः इनका कोमल शरीर एक कवच (shell) से ढंका रहता है। इस संघ के जन्तुओं में पाये जाने वाले प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं-

  • इनके अधिकांश सदस्य समुद्री (Marine) होते हैं, लेकिन कुछ स्वच्छ जल में एवं स्थल पर भी पाये जाते हैं।
  • ये खण्डहीन, कोमल शरीर वाले जन्तु होते हैं जिनमें अधिकांश मंदगति से चलने वाले होते हैं।
  • ये त्रिस्तरीय (Triploblastic) होते हैं।
  • इनका शरीर साधारणतः द्विपार्श्विक सममित (Bilaterally symmetrical) होता है लेकिन टॉर्सन (Torsion) के कारण अनेक सदस्यों में असममित (Asymmetrical) भी होता है। इनका शरीर एक पतली झिल्ली मैंटल (Mantle) द्वारा ढंका रहता है। मैंटल के चारों तरफ एक कठोर खोल या कवच (Shell) होता है।
  • इनके शरीर के तीन भाग होते हैं- सिर आगे की ओर 2. पैर-आधारतल पर तथा 3. आंतटांग पिंडक (Visceral mass) पृष्ठतल पर।
  • इनकी देहगुहा छोटी हो जाती है।
  • इनकी आहारनाल पूर्ण होती है और यह U के आकार की होती है। आहारनाल से सम्बद्ध एक पाचनग्रन्थि (Digestive gland) होती है।
  • इनमें रक्त परिसंचरण तंत्र विकसित होता है। रक्त नीला, हरा, लाल या रंगहीन होता है। रंग हीमोसियानिन (Haemocyanin) नामक वर्णक की उपस्थिति के कारण होता है।
  • इनमें श्वसन क्रिया जल क्लोम (Gills) या फुफ्फुस (Lungs) द्वारा होती है।
  • इनका हृदय पृष्ठ भाग में हृदयावरण (Pericardium) के अंदर होता है।
  • इनके तंत्रिका तंत्र में तीन जोड़ी गुच्छिकाएँ (Ganglia) होती है। ये गुच्छिकाएँ तंत्रिकाओं और योजनिकाओं (Connectives) द्वारा जुड़ी रहती है।
  • ये प्रायः एकलिंगी होते हैं परन्तु कुछ जन्तु द्विलिंगी भी होते हैं।
  • इनमें प्रजनन अलैंगिक विधि द्वारा नहीं होता है।
  • इनमें उत्सर्जन वृक्कों (Kidney) द्वारा होता है।

उदाहरण– नियोपाइलिना (Neopilina), काइटन (Chiton), पायला (Pila), हेलिक्स (Helix), लाइमैक्स (Limax), डोरिस (Doris), डेंटेलियम (Dentalium), सीप (Unio), मोती शुक्ति (Pearl Oysters), सीपिया (sepia), नौटिलस (Nautilus), ऑक्टोपस (Octopus) आदि।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • पाइला (Pila) का साधारण नाम घोंघा या एप्पल स्नेल (Apple snail) है।
  • यूनियो (Unio) तालाब या पोखर आदि के किनारे पाये जाते हैं।
  • सीपिया समुद्र में पाया जाता है तथा इसका साधारण नाम कटल फिश (Cuttle fish) है।
  • ऑक्टोपस भी समुद्र में पाया जाता है। इसे डेविल फिश (Devil fish) भी कहते हैं।
  • काइटन (Chiton) को समुद्री चूहिया, डोरिस (Doris) को समुद्री नीबू, ऐप्लीसिया को समुद्री खरगोश, कुण्डलिनी को उद्यान घोंघा, इओलिस को समुद्री स्लग तथा ऑक्टोपस को श्रृंगमीन के नाम से जाना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *