Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the colormag domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/vivace/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
मुक्त श्रम संगठनों का अंतरराष्ट्रीय परिसंघ International Confederation of Free Trade Unions – ICFTU – Vivace Panorama

मुक्त श्रम संगठनों का अंतरराष्ट्रीय परिसंघ International Confederation of Free Trade Unions – ICFTU

औपचारिक नाम: कनफडरेशन इंटरनेशनेले डेस सिंडिकेट्स लाइबर्स (सीआईएसएल) (Confederation International des Syndicats Libers–CISL)

मुख्यालय: बुसेल्स (बेल्जियम)।

सदस्यता: 148 देशों में 157 मिलियन सदस्यों के साथ 225 संगठन।

उद्भव एवं विकास

मुक्त श्रम संगठनों के अंतर्राष्ट्रीय परिसंघ (International Confederation of Free Trade Unions-ICFTU/CISL) की स्थापना डब्ल्यूएफटीयू के साम्यवादी सदस्यों के साथ गहरे मतभेदों के कारण उससे अलग हुये श्रम संघों के द्वारा 1949 में हुई। 31 अक्टूबर 2006 को इसकां विलय विश्व श्रम परिसंघ (डब्ल्यूसीएल) में हो गया।

उद्देश्य

आईसीएफंटीयू का उद्देश्य संपूर्ण विश्व के मुक्त एवं प्रजातंत्रिक श्रम संघ आंदोलनों में सहयोग सुनिश्चित करना है। इसके प्रमुख लक्ष्य हैं- श्रमिकों के हितों को प्रोत्साहित करना, श्रमिक संगठनों को मुक्त सौदेबाजी इकाइयों के रूप में मान्यता दिलाना; धनी तथा निर्धन के मध्य अंतर को कम करना, तथा; मानव एवं श्रम संघ के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना।


संरचना

आईसीएफटीयू अपने कार्यों का संचालन विश्व कांग्रेस, कार्यकारी बोर्ड, स्थायी समिति तथा सचिवालय के माध्यम से करता है। आईसीएफटीयू की सर्वोच्च सत्ता विश्व कांग्रेस में निहित होती है, जिसका आयोजन प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल पर किया जाता है। यह कार्यकारी बोर्ड के 53 सदस्यों (पांच सीटें महिलाओं के लिये आरक्षित होती हैं) का चुनाव करता है। ये सदस्य क्षेत्रीय आधार पर चार वर्षों के लिये चुने जाते हैं। कार्यकारी बोर्ड की वर्ष में कम-से-कम एक बैठक होती है, जिसमें निम्नांकित कार्य होते हैं-प्रशासनिक विषयों पर विचार; क्षेत्रीय प्रतिनिधियों, मिशनों, क्षेत्रीय संगठनों तथा संबद्ध कार्यालयों की रिपोर्टों की सुनवाई तथा उन पर अनुवर्ती कार्रवाई, तथा; वित्तीय प्रश्नों, संबद्धता (affiliation) आवेदनों तथा विश्व श्रम-शक्ति को प्रभावित करने वाली समस्याओं पर चर्चा। इसके अतिरिक्त, अनेक समितियां भी गठित की गई हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों के प्रबंधन के लिये उत्तरदायी होती हैं, जैसे-आर्थिक और सामाजिक नीति, श्रम संघ एवं अन्य मानवाधिकारों के उल्लंघन, श्रम संघ सहकारिता परियोजनाएं तथा अंतरराष्ट्रीय एकजुटता कोष का प्रशासन। सचिवालय का प्रमुख महासचिव होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *