नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम Protection of Civil Rights Act

नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 एवं छुआछूत निवारण अधिनियम 1989 को सख्ती से लागू करने के लिए आयोग दृढ़ संकल्प है। अब तक 22 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने अस्पृश्यता निवारण मामलों में अनुसूचित जाति के लोगों के लिए वैधानिक मदद का प्रावधान किया है। 16 राज्यों ने नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम के उल्लंघनों पर निगरानी के लिए विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किए हैं। आंध्र प्रदेश में ऐसे मामलों के निपटारे के लिए 22 विशेष चल न्यायालय गठित किए राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तरप्रदेश में 137 विशेष अदालतें ऐसे मामलों के निपटारे के लिए गठित की गई हैं। इतना ही नहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने वर्ष 2007-2008 को अस्पृश्यता तथा अत्याचार मुक्त वर्ष घोषित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Mobile application powered by Make me Droid, the online Android/IOS app builder.