कम्प्यूटर शब्दावली Computer Glossary

एप्लीकेशन प्रोग्राम (Application Programme): एक ऐसा प्रोग्राम जो कोई निश्चित कार्य ही करता हो, एप्लीकेशन प्रोग्राम कहलाता है, जैसे- वर्ड प्रोसेसिंग या डेटाबेस प्रबन्धन अथवा अकाउंटिंग का कार्य करने वाले सॉफ्टवेयर। इनमें वर्ड प्रोसेसिंग के लिए एम एस वर्ड (M sword), डेटाबेस प्रबन्धन के लिए विजुअल फॉक्स प्रो (visual FOX PRO), डिजाइनर्निग के लिए ऐडोब फोटोशॉप (Adobe Photoshop) या अकाउंटिंग के लिए टैली (Tally) प्रसिद्द एप्लीकेशन प्रोग्राम है। इन्हें सॉफ्टवेयर के नाम से भी जाना जाता है।

बिट (Bit): इलेक्ट्रॉनिक डेटा को मापने की एक यूनिट बिट कहलाती है। एक बिट 0 या 1 कोई एक होती है। यह बिट की संख्या पर निर्भर करता है कि वह कितना डेटा अपने में स्टोर करने में सक्षम है। उदाहरण के लिए 8 बिट में 16 बिट की तुलना में कम डेटा समा पाएगा। 4 बिट मिलकर एक निबल (Nibble) का निर्माण करते हैं। 8 बिट मिलकर एक बाईट का निर्माण करते हैं।

बूट (Boot): कम्प्यूटर को कार्यावस्था में लाने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा किया जाने वाला प्रारम्भिक कार्य बूट कहलाता है।

बग (Bug): कम्प्यूटर प्रोग्राम या सिस्टम में एरर के कारण को बग कहा जाता है। उदाहरण के लिए यदि कोई प्रोग्राम गलत परिणाम देने लगे तो यह कहा जा सकता है कि इस प्रोग्राम में बग है। बग को निकालने की अर्थात् एरर हटाने को डिबग (Debug) कहा जाता है।

बाईट (Byte): कुल आठ बिट मिलकर एक बाईट का निर्माण करती है। किसी भी आस्की केरेक्टर को स्टोर करने के लिए एक बाईट खर्च होती है।

केश (Cache): मेमोरी का ही एक भाग जिसे अस्थाई स्टोरेज के लिए प्रयोग किया जाता है, कैश कहलाता है। इसमें वे डेटा रखे जाते हैं, जिसकी बार-बार जरूरत होती है। इससे कम्प्यूटर की प्रोसेसिंग गति में वृद्धि होती है। कैश कई स्तरों पर होता है। सामान्यतः जिस कैश की बात की जाती है उसकी गति रैम से अधिक किन्तु प्रोसेसर से कम होती है। इसका कार्य प्रोसेसर एवं रैम के मध्य एक पुल की भाँति कार्य करना है, ताकि दोनों की प्रोसेसिंग गति में अन्तर को पाटा जा सके।

सीडी-रॉम (CD-ROM): म्यूजिक सीडी जैसी ही सीडी जिस पर डेटा स्टोर किया जा सकता है, सीडी रोम कहलाता है। एक सीडी पर फ्लॉपी की तुलना में काफी अधिक डेटा स्टोर हो सकता है। इस पर डेटा लिखने एवं इससे डेटा पढ़ने के लिए सीडी ड्राइव एवं राइटर की आवश्यकता होती है।


चिप (Chip): यह एक पतली चिप्पी है, जिस पर विशेष प्रक्रिया से सर्किट बनाये जाते हैं। यह प्रायः सिलिकान की बनी होती है। सिलिकान के स्थान पर गैलियम आर्सेनाइड चिप तथा प्रोटीन चिप (जिसे बायोचिप भी कहा जाता है) पर अनुसंधान चल रहा है।

कम्प्यूटर प्रोग्राम (Computer Program) - कम्प्यूटर के कार्य निर्देशन के लिए निम्न या उच्च स्तरीय भाषा में लिखे गये आदेशों की श्रृंखला, कम्प्यूटर प्रोग्राम कहलाता है।

कम्पाइलर (Compiler): वह प्रोग्राम जो उच्च स्तरीय भाषा को मशीन भाषा में परिवर्तित करता है, कम्पाइलर कहलाता है।

सीपीयू (CPU): इसे विस्तृत रूप से सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट कहा जाता है। यह कम्प्यूटर का दिलो-दिमाग कहलाता है। समस्त मुख्य प्रोसेसिंग यहीं पर होती है। PIII, P4, AMD Athlon आदि सीपीयू के कुछ उदाहरण हैं।

कर्सर की (Cursor Key): की-बोर्ड पर पाए जाने वाले वे बटन जिन पर तीर के निशान बने होते हैं, कर्सर-की कहलाता है। इनका प्रयोग स्क्रीन पर कर्सर को मूव करने के लिए किया जाता है।

डेटाबेस (Database): डेटा का संग्रह, जिसमें फोन बुक से लेकर कम्पनी के इवेंट्री प्रबन्धन से सम्बन्धित डेटा तक शामिल होते हैं, डेटाबेस कहलाता है।

एरर मैसेज (Error Message): किसी सॉफ्टवेयर द्वारा किसी गड़बड़ी के बारे में दर्शाया जाने वाला संदेश, एरर मैसेज कहलाता है। यह एरर के प्रकार के बारे में जानकारी भी देता है।

फाइल (File): डेटा का वह संग्रह जिसे किसी नाम से सेव किया जाता है, फाइल कहलाता है। उदाहरण के लिए यह आपकी सैलेरीशीट हो सकती है या कोई MP3 गाना भी हो सकता है।

फ्लापी डिस्क (Floppy Disk): यह डेटा स्टोर करने के लिए एक माध्यम है। आकार में काफी छोटा होने के कारण इसे पॉकेट में आसानी से रखा जा सकता है। आज अधिकतर 3.5 इंच आकार की फ्लॉपी डिस्क प्रयोग में लाई जा रही है। जिसमें काफी कम डेटा स्टोर हो पाता है।

गीगाबाईट (Giga Byte): 1024 मेगाबाईट को गीगाबाईट कहा जाता है। एक मेगाबाईट में 1024 × 1024 बाईट्स होती हैं। आजकल हार्डडिस्क का आकार भी गीगाबाईट्स में ही होता है।

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (Graphical User Interface-GUI): यह एक विजुअल इंटरफेस है, जो कि फाइलों, कमांड्स, सॉफ्टवेयर्स आदि को आइकन (ग्राफिकल चिह्न) के रूप में दर्शाता है। इन आइकन्स को माउस जैसे किसी पॉइंटिंग डिवाइस के माध्यम से चुना एवं प्रयोग किया जाता है। ग्राफिकल यूजर इंटरफेस विंडोज वातावरण में उपलब्ध है, जिसमें एक यूजर आइकन्स पर क्लिक करते हुए कार्य करता है।

हैकर (Hacker): जान-बूझकर दूसरे का कम्प्यूटर खराब करने वाला व्यक्ति हैकर कहलाता है।

हार्ड डिस्क (Hard Disk) यह डेटा स्टोरेज के लिए एक डिवाइस है, जिसे सामान्यतः केबिनेट के भीतर रखा जाता है। इस पर काफी अधिक डेटा स्टोर किया जा सकता है। चूंकि हार्डडिस्क अलग-अलग आकारों में आती है, अतः एक यूजर अपनी आवश्यकता के अनुसार इसका चुनाव कर सकता है।

हार्डवेयर (Hardware): कम्प्यूटर का भौतिक (Physical) भाग जिसे देखा और छुआ जा सकता हो, हार्डवेयर कहलाता है। उदाहरण-मॉनीटर या की-बोर्ड।

आइकन (Icon): स्क्रीन पर दर्शित छोटे ग्राफिकल चिन्ह जो कि किसी प्रोग्राम, कमांड या फाइल को इंगित करते हैं, आइकन कहलाता है। इन्हें चुनने के लिए यूजर को इन आइकन पर माउस पॉइंटर रखते हुए क्लिक करना होता है।

मेगाहर्ट्ज (MHz): एक मेगाहर्ट्ज 1,000,000 चक्र प्रति सेकण्ड दर्शाती है। माइक्रोप्रोसेसर की गति को क्लॉक स्पीड से मापा जाता है। उदाहरण के लिए यदि एक माइक्रोप्रोसेसर 200 मेगाहर्ट्ज पर कार्य करता है तो वह 200,000,000 चक्र प्रति सेकण्ड रन करता है। इससे यह भी जाना जाता है कि प्रोसेसर कितना शक्तिशाली है।

मेमोरी सिस्टम (Memory system): वह जगह जहाँ पर कम्प्यूटर डेटा एवं प्रोग्राम को अस्थाई तौर पर रखता है, मेमोरी सिस्टम कहलाता है। सामान्यतः मेमोरी से आशय RAM से है।

मॉडम (Modem): वह डिवाइस जो कि डिजिटल सिग्नलों को ऐनालॉग सिग्नलों (टेलीफोन प्रणाली में काम में आनेवाला सिग्नल) एवं एनालॉग सिग्नलों को डिजिटल सिग्नलों में परिवर्तित कर सके, मॉडम कहलाता है। इससे टेलीफोन के माध्यम से कम्प्यूटर को जोड़ने का काम लिया जाता है। इंटरनेट से जुड़ने के लिए भी मॉडम की जरूरत होती है।

मदर बोर्ड (Mother Board): कम्प्यूटर के केबिनेट के भीतर का मुख्य बोर्ड जिस पर सीपीयू, मेमोरी एवं अन्य सर्किट बने होते हैं, मदर बोर्ड कहलाता है। इसी पर अन्य कार्ड लगाए जा सकते हैं।

नेटवर्क (Network): विभिन्न कम्प्यूटरों का एक जाल जिसमें सभी कम्प्यूटर एक दूसरे से केबल (Cable) या अन्य माध्यम से जुड़े रहते हैं, नेटवर्क कहलाता है। नेटवर्क का फायदा यह होता है कि यूजर अपनी फाइल को शेयर कर सकता है ताकि अन्य यूजर उसको उपयोग कर सकें।

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating system): वह सॉफ्टवेयर जो आधारभूत सिस्टम कार्य करने में सक्षम हो, ऑपरेटिंग सिस्टम कहलाता है। इन आधारभूत सिस्टम कार्यों में डिस्क से डेटा पढ़ना, डिस्क पर डेटा लिखना, रिसोर्स प्रबन्धन आदि सम्मिलित हैं। इसके उदाहरणों में विंडोज (WINDOWS), लिनक्स (LINUX) आदि को लिया जा सकता है।

पेरिफेरल (Peripheral): कम्प्यूटर में अतिरिक्त रूप से लगनेवाली हार्डवेयर डिवाइसों को पेरिफेरल कहा जाता है। कम्प्यूटर को काम में लाने के लिए इस भाग का होना आवश्यक नहीं होता है।

पिक्सेल (Pixel): किसी भी इमेज का सबसे छोटा भाग, पिक्सेल कहलाता है। एक मॉनीटर का एक पिक्सेल एक महीन से डॉट (.) के रूप में होता है। यही विभिन्न डॉट मिलकर एक इमेज का निर्माण करते हैं। एक निश्चित जगह पर जितने अधिक पिक्सेल होंगे, इमेज क्वालिटी उतनी ही अच्छी होगी।

पॉइंटर (Pointer): माउस के द्वारा नियंत्रित किया जाने वाला अवयव जो कि स्क्रीन पर दर्शित होता है, पॉइंटर कहलाता है। जिस दिशा में माउस को माउस पैड पर मूव किया जाता है उसी दिशा में यह पाइंटर भी घूमता है।

पोर्ट (Port): यह एक कनेक्टर होता है, जो बाह्य डिवाइसों को मदरबोर्ड से जोड़ता है। जैसे कि पैरेलल पोर्ट या सीरियल पोर्ट या यूएसबी पोर्ट।

रैम (RAM): विस्तार में इसे रेडम ऐक्सेस मेमोरी कहा जाता है। यह वह स्थान है जहाँ पर प्रोसेसिंग में काम आनेवाले डेटा को अस्थाई रूप से रखा जाता है। यह मेमोरी अस्थायी मेमोरी होती है। इसे जैसे ही पावर मिलना बन्द होता है वैसे ही इसका कटेंट भी समाप्त हो जाता है। इसे मेगाबाईट्स में मापा जाता है।

रोम (ROM): विस्तार में इसे रीड ओनली मेमोरी कहा जाता है। यह मेमोरी स्थायी (Nonvalatile) है जो विद्युत् आपूर्ति समाप्त होने पर भी लुप्त नहीं होती है।

रीबूट (Reboot): जहाँ बूटिंग से आशय कम्प्यूटर को बन्द अवस्था से जागृत अवस्था में लाना है वही रीबूट से आशय कम्प्यूटर को दोबारा स्टार्ट करने से है। ऐसा तब किया जाता है, जबकि कम्प्यूटर ने बीच में ही कार्य करना बन्द कर दिया हो या कोई सॉफ्टवेयर इंस्टॉल / अनइंस्टॉल किया हो।

साउंड कार्ड (sound Card): यह एक ऐक्सपांशन कार्ड है जो कि पर्सनल कम्प्यूटर में साउंड पर कार्य करने की क्षमता जोड़ता है।

स्कैनर (scanner) एक ऐसी डिवाइस जो कि ग्राफिक इमेज को डिजिटल इमेज में परिवर्तित कर देता है, स्कैनर कहलाता है।

सिस्टम यूनिट (system Unit): डेस्कटॉप पीसी का बाक्सनुमा केबिनेट भाग, सिस्टम यूनिट कहलाता है। इसके अंदर मदरबोर्ड एवं अन्य चिप होती है।

टच स्क्रीन (Touch screen): वह कम्प्यूटर जिसमें की बोर्ड के बजाय मॉनीटर को छुकर कम्प्यूटर को निर्देश देते हैं।

वायरस (virus): एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो कि कम्प्यूटर के डेटा को नुकसान पहुँचाने के लिए बनाया गया हो। वायरस सामान्यतः ऑपरेटिंग सिस्टम की फाइलों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता है।

कम्प्यूटर संबंधी शब्द संक्षेप

ALU Arithmetic Logic Unit

ALGOL Algorithmic Language

ASCII American Standard Code for Information Interchange BASIC Beginner's All Purpose Symbolic Instruction Code BCD Binary Coded Decimal

BIOS Basic InputOutput System

CPU Central Processing Unit

CAD Computer Aided Design

CAM Computer Aided Manufacturing

CAT Scan Computerised Axial Tomography Scan

COBOL Common Business Oriented Language

CD Compact Disk

C-DOT Centre for Development of Telematics

COMAL Common Algorithmic Language

DOS Disk Operating System

DTS Desk Top System

DTP Desk Top Publishing E-Commerce Electronic Commerce

E-Mail Electronic Mail

ENIAC Electronic Numerical Integrator And Calculator

FAX Facsimile Automated. Xerox

FLOPS Floating Operations Per Second

FFORTRAN Formula Translation

H.L.L High Level Languages

HTML High TextMarkup Language

IBM International Business Machine

IC Integrated Circuit

ISH Information Super Highway

LAN Local Area Network

LDU Liquid Display Unit

LISP List Processing

LLL Low Level Language

MICR Magnetic Ink Character Recogenizer

MIPS Millions of Instructions Per Second

MOPS Millions of Operations Per Second

MODEM Modulator-Demodulator

MPU Micro Processor Unit

NICNET National Information Centre Network

OMR Optical Mark Reader

PC-DOS Personal Computer Disk Operating System

PROM Programmable Read Only Memory RAM Random Access Memory

ROM Read Only Memory

SNOBOL String Oriented Symbolic Language

UPS Uninterruptable Power Supply

VDU Visual Display Unit

VLS Very Large Scale Integrated

WAN Wide Area Network

www World Wide Web

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *