Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the colormag domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/vivace/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
धातुओं से संबंधित विविध तथ्य Facts about metals – Vivace Panorama

धातुओं से संबंधित विविध तथ्य Facts about metals

  • टंगस्टन का संकेत W होता है। इसका गलनांक लगभग 3500°C होता है।
  • भारत में टंगस्टन का उत्पादन राजस्थान स्थित डेगाना (Degana) खान से होता है।
  • टंगस्टन तंतु के उपचयन को रोकने के लिए बिजली के बल्ब से हवा निकाल दी जाती है।
  • बेडीलेआइट जिरकोनियम का अयस्क है।
  • जिरकोनियम धातु ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन दोनों में जलते हैं।
  • न्यूट्रॉनों को अवशोषित करने के गुणों के कारण जिरकोनियम का उपयोग नाभिकीय रिएक्टर में किया जाता है। अत: यह नाभिकीय रिएक्टर का अनिवार्य तत्व है।
  • बेराइल (Baryl) बेरीलियम धातु का मुख्य अयस्क है।
  • फ्रांसियम (Fr) एक रेडियोसक्रिय द्रव धातु है।
  • स्टेनस सल्फाइड (SnS2) को मोसाइक गोल्ड (Mosaic Gold) कहते हैं, इसका प्रयोग पेंट के रूप में किया जाता है।
  • टिन अपरूपता प्रदर्शित करता है।
  • सबसे भारी धातु ओसमियम (Os) है।
  • बेरियम हाइड्रॉक्साइड को बैराइटा वाटर कहते हैं। बेरियम सल्फेट का उपयोग बेरियम (Ba) मील के रूप में उदर के X-ray में होता है।
  • आतिशबाजी के दौरान हरा रंग बेरियम की उपस्थिति के कारण होता है।
  • आतिशबाजी के दौरान लाल चटक रंग (Crimson Red Colour) स्ट्रॉन्शियम (sr) की उपस्थिति के कारण उत्पन्न होता है।
  • लिथियम (Li) सबसे हल्का धात्विक तत्व है। यह सबसे प्रबल अपचायक होता है।
  • चांदी (Ag), सोना (Au), तांबा (Cu), प्लेटिनम (Pt) तथा बिस्मथ (Bi) अपने कम अभिक्रियाशीलता के कारण स्वतंत्र अवस्था में पाये जाते हैं।
  • गोल्ड, प्लेटिनम, सिल्वर तथा मरकरी उत्कृष्ट धातुएँ हैं।
  • धातुओं में सबसे अधिक आघातवध्र्य सोना (Au) व चांदी (Ag) होते हैं।
  • पारा व लोहा विद्युत् धारा के प्रवाह में अपेक्षाकृत अधिक प्रतिरोध उत्पन्न करते हैं।
  • चांदी एवं तांबा विद्युत् धारा का सर्वोत्तम चालक है।
  • धातुओं के ऑक्साइड की प्रकृति क्षारीय होती है।
  • ऐलुमिनियम का सर्वप्रथम पृथक्करण 1827 ई० में हुआ था।
  • प्याज व लहूसन में गंध का कारण पोटैशियम (K) की उपस्थिति है।
  • कार्नोटाइट का रासायनिक नाम पोटैशियम यूरेनिल वेन्डेट होता है।
  • कैंसर रोग के इलाज में कोबाल्ट के समस्थानिक का उपयोग होता है।
  • स्मेल्टाइट (smeltite) निकेल धातु का अयस्क है।
  • वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में निकेल धातु का उपयोग उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में होता है।
  • ग्रीनोकाइट कैडमियम (Cd) का अयस्क है।
  • कैडमियम का प्रयोग नाभिकीय रिएक्टरों में न्यूट्रॉन मंदक के रूप में संग्राहक बैटरियों में तथा निम्न गलनांक की मिश्रधातु बनाने में होता है।
  • एक्टिनाइड (Actinides) रेडियोसक्रिय तत्वों का समूह होता है।
  • विश्व प्रसिद्ध एफिल टावर का आधार स्टील व सीमेण्ट का बना है।
  • थुलियम का संकेत Tm होता है।
  • रेडियम का निष्कर्षण पिचब्लैंड से किया जाता है।
  • मैडम क्यूरी ने पिचब्लैंड से ही रेडियम का निष्कर्षण किया था।
  • वायुयान के निर्माण में पेलेडियम धातु प्रयुक्त होती है। गैलियम धातु कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में पाया जाता है।
  • सेलीनियम धातु का उपयोग फोटो इलेक्ट्रिक सेल में होता है।
  • साइटोक्रोम (Cytochrome) में लोहा उपस्थित होता है।
  • जिओलाइट (Zeolite) का प्रयोग जल को मृदु बनाने में किया जाता है।
  • अधिकांश संक्रमण धातु (Transition Elements) और उनके यौगिक रंगीन होते हैं।
  • पोटैशियम कार्बोनेट (K2CO3) को पल एश (Pearl Ash) कहते हैं।
  • नाइक्रोम (Nichrome) निकिल, क्रोमियम और आयरन का मिश्रधातु है। विद्युत् हीटर की कुंडली (Coil) नाइक्रोम की ही बनी होती है।
  • क्रोमिक अम्ल का रासायनिक नाम क्रोमियम ट्राइऑक्साइड है।
  • ब्रिटेनिया धातु (Britannia Metal) एण्टिमनी (sb), तांबा (Cu) व टिन (Sn) की मिश्रधातु है।
  • बारूद 75% पोटैशियम नाइट्रेट, 10% गंधक व 15% चारकोल एवं अन्य पदार्थों का मिश्रण होता है।
  • बैबिट धातु (Babbitt Metal) में 89% टिन, 9% एण्टिमनी, व 2% तांबा होता है।
  • समूह-I के तत्व क्षार धातुएँ (Aikali Metals) कहलाते हैं एवं इसके हाइड्रॉक्साइड क्षारीय होते हैं, जबकि समूह-II के तत्वक्षारीय मृदा धातुएँ (Alkaline Earth Metals) कहलाते हैं।
  • टाइटेनियम को रणनीतिक धातु (strategic Metal) कहते हैं, क्योंकि इसका उपयोग रक्षा उत्पादन में होता है। यह इस्पात के बराबर मजबूत लेकिन भार में उसका आधा गुण वाला धातु है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *