औरंगजेब: 1658-1707 ई. Aurangzeb: 1658-1707 AD.
शाहजहाँ के चार पुत्र थे। चारों उस समय बालिग थे। दारा शुकोह की आयु तेंतालीस वर्ष की थी, शुजा की
Read morecolormag domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/vivace/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131शाहजहाँ के चार पुत्र थे। चारों उस समय बालिग थे। दारा शुकोह की आयु तेंतालीस वर्ष की थी, शुजा की
Read moreजहाँगीर की मृत्यु के बाद, कुछ समय तक राजसिंहासन पर उत्तराधिकार के लिए संघर्ष चलता रहा। शाहजहाँ दक्कन में ही
Read more1605 अकबर की मृत्यु के एक सप्ताह के पश्चात् छत्तीस वर्ष की आयु में सलीम आगरे में राजसिंहासन पर बैठा
Read moreसम्राट् अकबर भारतीय शासकों की गौरवमयी परम्परा का एक महान् शासक है। उसका व्यक्तित्व और कृतित्व उसे भारत ही नहीं
Read moreविद्या और विद्वानों के संरक्षण के लिए सुविख्यात सम्राट् अकबर के दरबार में नौ विशेष प्रतिभाशाली व्यक्ति थे। इन व्यक्तियों
Read moreअकबर सुन्नी धर्म के बाहरी रूपों को 1575 ई. तक मानता रहा। इसी समय शेख मुबारक तथा उसके दोनों पुत्रों-फैजी एवं अबुल
Read moreअकबर को, जो उस समय अपने अभिभावक एवं अपने पिता के पुराने साथी बैरम खाँ के साथ पंजाब में था,
Read moreइस अव्यवस्थित दशा से हुमायूं को लगभग 15 वर्षों के बाद अपने खोए हुए राज्य को पुनः प्राप्त करने की
Read moreशेरशाह के राजत्व का सिद्धान्त और प्रशासन शासन की सुविधा के लिए सम्पूर्ण साम्राज्य सैतालीस इकाईयों (सरकारों) में विभक्त था,
Read moreपानीपत एवं घाघरा में बाबर की विजयों के परिणामस्वरूप अफगान नायकों का पूर्ण उन्मूलन नहीं हुआ। नव-स्थापित विदेशी शासन के
Read moreबाबर की मृत्यु के तीन दिनों के पश्चात् हुमायूँ तेईस वर्षों की आयु में हिन्दुस्तान के राजसिंहासन पर बैठा। उसके
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