भारत में सिविल सेवाओं का विकास Development of Civil Services In India
लार्ड कार्नवालिस (गवर्नर-जनरल, 1786-93) पहला गवर्नर-जनरल था, जिसने भारत में इन सेवाओं को प्रारंभ किया तथा उन्हें संगठित किया। उसने
Read morecolormag domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/vivace/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131लार्ड कार्नवालिस (गवर्नर-जनरल, 1786-93) पहला गवर्नर-जनरल था, जिसने भारत में इन सेवाओं को प्रारंभ किया तथा उन्हें संगठित किया। उसने
Read more1813 तक अंग्रेजों ने भारत के सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक जीवन में अहस्तक्षेप की नीति अपनायी, किंतु यूरोप में 18वीं
Read moreप्रारंभिक 60 वर्षों तक ईस्ट इंडिया कंपनी एक विशुद्ध व्यापारिक कंपनी थी। उसका उद्देश्य व्यापार करके केवल अधिक से अधिक
Read moreभारत में ट्रेड यूनियन आंदोलन 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध के प्रारंभ में भारत में आधुनिक उद्योग-धंधों की नीव पड़ी। 1853
Read moreभारत का पहला समाचार-पत्र जेम्स आगस्टस हिक्की ने 1780 में प्रकाशित किया, जिसका नाम था द बंगाल गजट या कलकत्ता
Read moreभारत में प्रारंभिक आक्रमणकारियों और ब्रिटिश साम्राज्यवादियों में मुख्य अंतर यह था कि अंग्रेजों के अतिरिक्त किसी अन्य प्रारंभिक आक्रमणकारी
Read moreभूटान 1816 में असम के अधिग्रहण ने अंग्रेजों को पड़ोसी राज्य भूटान के निकट सम्पर्क में ला दिया। भूटानियों द्वारा
Read more19वीं शताब्दी में यूरोप में हुये औद्योगीकरण के परिप्रेक्ष्य में, भारत में इस अवधि में विभिन्न कारखानों एवं बागानों में
Read more1857 के विद्रोह से अंग्रेजों को इस बात का भलीभांति एहसास हो चुका था कि एक सुसंगठित जन विद्रोह कभी
Read moreआधुनिक भारत के इतिह्रास में 1947 ई. के भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम का विशेष महत्व है। इसका निर्णायक महत्व इस दृष्टि
Read moreभारत विभाजन की ओर 1947 के प्रारंभ में साम्प्रदायिक दंगों की आग में झुलस रहे देश तथा कांग्रेस एवं लीग
Read more