Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the colormag domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/vivace/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
सिकंदर का आक्रमण Alexander’s Invasion – Vivace Panorama

सिकंदर का आक्रमण Alexander’s Invasion

सिकंदर का भारत अभियान

  • सिकंदर यूनान के मेसिडोनिया का शासक था और  उसके पिता का नाम फिलिप द्वितीय था।
  • सिकंदर विश्वविजय की महत्वाकांक्षा रखता था अपनी इस महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए उसने भारत पर 326-27 ई.पू. में भारत पर आक्रमण किया।
  • सिकंदर के आक्रमण के समय पश्चिमोत्तर भारत अनेक छोटे छोटे राज्योँ मेँ विभक्त था, जिसमे कुछ कुछ राजतंत्रात्मक तथा कुछ गणराज्य थे।
  • भारत मेँ सर्वप्रथम सिकंदर का सामना तक्षशिला के शासक अम्भी से हुआ। अम्भी ने शीघ्र ही समर्पण कर दिया और सिकंदर को सहायता का वचन दिया।
  • सिकंदर का भारत मेँ सर्वाधिक महत्वपूर्ण युद्ध झेलम नदी के तट पर पुरु या पोरस के साथ हुआ जिसे पितस्ता का युद्ध कहा जाता है।
  • इस युद्ध को ‘हाइडेस्पेस का युद्ध’ भी कहा गया है। इस युद्ध में पोरस की हार हुई, लेकिन सिकंदर ने पोरस की बहादुरी से प्रभावित होकर उसका राज्य वापस कर दिया।
  • पोरस की हार के बाद सिकंदर ने ‘गलॅागनिकाय’ तथा कुछ जातियो को भी पराजित किया।
  • सिकंदर ने भारत मेँ दो नगरो की स्थापना की। पहला नगर ‘निकैया’ (विजय नगर) विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य मेँ तथा दूसरा अपने प्रिय घोड़े के नाम पर बुकफेला रखा।
  • सिकंदर की सेना ने व्यास नदी से आगे बढने से इंकार कर दिया। सिकंदर ने सैनिकोँ मेँ जोश भरने का पूरा प्रयत्न किया किन्तु उसे इस कार्य में सफलता नहीँ मिली।
  • सैनिकों के हठ के सामने सिकंदर अंततः सिकंदर को अपने भारत विजय के अभियान को रोकना पड़ा।
  • सिकंदर ने विजित भारतीय प्रदेशोँ को अपने सेनापति फिलिप को सौंप कर वापस लौटने का निर्णय किया। सिकंदर भारत मेँ 19 महीने रहा।
  • कहा जाता है की सिकंदर के लगातार युद्धों, घर परिवार की याद, भारत की गर्म जलवायु आदि ने उसकी सेना के हौसले पस्त कर दिए।
  • सिकंदर भारत के शक्तिशाली मगध साम्राज्य पर आक्रमण करना चाहता था। लेकिन जब उसकी सेना ने मगध की विशाल सेना के बारे मेँ सुना तो वह घबरा उठी।
  • सिकंदर ने भारत के आक्रमण के समय मगध एक शक्तिशाली राज्य था, जिस पर घनानंद नामक राजा का शासन था। घनानंद की सेना मेँ लगभग 6 लाख सैनिक थे।
  • अपने देश मेसिडोनिया लौटते समय लगभग 323 ई.पू. में बेबीलोन में सिकंदर का निधन हो गया।

सिकंदर के भारत अभियान का प्रभाव

  • सिकंदर की विश्व विजय की महत्वाकांक्षा ने उसे भारत विजय के लिए प्रेरित किया। इस प्रेरणा अथवा सिकंदर के भारत अभियान ने प्राचीन यूरोप को, प्राचीन भारत के निकट संपर्क मेँ आने का अवसर प्रदान किया।
  • सिकंदर के इस भारत अभियान का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम था- भारत और यूनान के बीच विभिन्न क्षेत्रों मेँ प्रत्यक्ष संपर्क की स्थापना।
  • राय चौधरी के अनुसार सिकंदर के आक्रमण के परिणामस्वरूप भारत की छोटी छोटी रियासतें समाप्त हो गईं।
  • डॉ राधा कुमुद मुखर्जी के अनुसार सिकंदर के भारत पर आक्रमण से राजनीतिक एकीकरण को प्रोत्साहन मिला, जिससे छोटे राज्य बड़े राज्यों में विलीन हो गए।
  • कला के क्षेत्र में गांधार शैली का भारत मेँ विकास यूनानी प्रभाव का ही परिणाम है।
  • यूनानियों की मुद्रण निर्माण कला का प्रभाव भारतीय मुद्रा कला पर दृष्टिगत होता है। उलूक शैली के सिक्के इसके उदाहरण हैं।
  • व्यापार के क्षेत्र मेँ पश्चिम के देशो के साथ जल मार्गों का पता चला, जिनका कालांतर में व्यापार पर अनुकूल प्रभाव पड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *