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मध्य अमेरिकी एकीकरण तंत्र Central American Integration System – SICA – Vivace Panorama

मध्य अमेरिकी एकीकरण तंत्र Central American Integration System – SICA

मध्य अमेरिकी एकीकरण तंत्र (एसआईसीए) मध्य अमेरिकी राज्यों का राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक संगठन है।

औपचारिक नाम: सिस्टेमा डी ला इंटीग्रेसन सेंट्रोअमेरिकाना (Sistema de la Integracion Centroamericana (Spanish)

 मुख्यालय: अल सल्वाडोर

सदस्यता: बेलीज, कोस्टारिका, डोमोनिकन रिपब्लिक, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होन्डुरस, निकारागुआ और पनामा।

क्षेत्रीय पर्यवेक्षक: अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली एवं मैक्सिको।

क्षेत्रातीत पर्यवेक्षक: जर्मनी, जापान, स्पेन एवं चीन।

उद्भव एवं विकास


14 अक्टूबर, 1951 को, सैन सल्वाडोर शहर में आयोजित मध्य अमेरिकी विदेश मंत्रियों की बैठक के एक बड़े हिस्से के तौर पर, सैन सल्वाडोर चार्टर के नाम के दस्तावेज पर हस्ताक्षर हुए जिसने मध्य अमेरिकी देशों के संगठन (ओडीईसीए) को जन्म दिया। संगठन का मुख्यालय, सल्वाडोर सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया, उस देश की राजधानी में जून 1956 को स्थापित करने का अनुमोदन किया गया।

एकीकरण की प्रक्रिया की पुनर्स्थापना को ध्यान में रखते हुए, मध्य अमेरिकी सरकारों ने 1962 में ओडीईसीए के दूसरे चार्टर पर हस्ताक्षर किए, जिसे, पहले चार्टर की तरह, सैन सल्वाडोर चार्टर की तरह जारी रखा गया।

31 दिसंबर, 1991 को, तेगूसिगालपा, हॉडूरास में आयोजित मध्य अमेरिकी देशों के राष्ट्रपतियों की ग्यारहवीं बैठक के अंतर्गत तेगूसिगालपा प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए जिसने मध्य अमेरिकी एकीकरण तंत्र (एसआईसीए) को जन्म दिया। यह सभी स्तरों पर बतौर नवीन न्यायिक-राजनीतिक फ्रेमवर्क है और मध्य अमेरिकी एकीकरण के क्षेत्रों-आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और पारिस्थितिकीय- के लिए एक व्यापक विकास उपागम प्रस्तुत करती है। एसआईसीए औपचारिक रूप से 1 फरवरी, 1993 को प्रचालन में आया।

शुरुआती दौर में, एसआईसीए की संस्थात्मक रूपरेखा में ग्वाटेमाला, होंडुरास, अल सल्वाडोर, निकारागुआ, कोस्टारिका और पनामा शामिल थे। वर्ष 2000 में बेलिज पूर्ण सदस्य के तौर पर इसमें शामिल हुआ।

एसआईसीए की पहलों को संयुक्त राष्ट्र के साथ तेगूसिगालपा प्रोटोकॉल के पंजीकृत होने के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ।

उद्देश्य

एसआईसीए का मुख्य उद्देश्य मध्य अमेरिका का एकीकरण इस प्रकार करना है जिससे यह क्षेत्र शांति, स्वतंत्रता, लोकतंत्र एवं विकास का स्थल बन जाए। इसके उद्देश्यों में शामिल हैं- लोकतंत्र को ठोस बनाना और इसके संस्थानों को सबल बनाना; क्षेत्रीय सुरक्षा के नवीन प्रतिमान स्थापित करना; अत्यंत गरीबी से उबरना, सतत् विकास का संवर्द्धन करना, पर्यावरण का संरक्षण करना और हिंसा, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, नशीले द्रव्य एवं हथियार तस्करी को कम करना; समग्र रूप से मानव एवं समाज का सौहार्दपूर्ण विकास सुनिश्चित करने के लिए व्यापार स्वतंत्र शासन का प्रोत्साहन करना; मध्य अमेरिका के लोगों के लिए कल्याण, आर्थिक, एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्रीय तंत्र की स्थापना करना; आर्थिक संघ की प्राप्ति करना और मध्य अमेरिकी वित्तीय तंत्र को सुदृढ़ करना; अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में मध्य अमेरिका के सफल पदार्पण हेतु क्षेत्र को आर्थिक गुट के तौर पर मजबूत करना; मध्य अमेरिका की आत्मनिर्भरता को मजबूत करना और इसकी पुनर्पुष्टि करना जैसाकि यह क्षेत्र के बाह्य संबंधों से जुड़ा है; समग्र रूप में सदस्य देशों और प्रदेश के सतत् आर्थिक, सामाजिक सांस्कृतिक एवं राजनितिक विकास को, सौहार्दपूर्ण एवं संतुलित तरीके से, प्रोत्साहित करना।

रचना

सदस्य देशों के राष्ट्रपतियों की बैठक एसआईसीए का सर्वोच्च अंग है। इसमें सदस्य देशों के संवैधानिक राष्ट्रपति होते हैं। बैठकें, सामान्य तौर पर, प्रत्येक 6 माह में आयोजित की जाती हैं और आकस्मिक या अपवाद स्वरूप राष्ट्रपतियों के आग्रह पर भी बुलाई जाती है। राष्ट्रपतियों की बैठक लोकतंत्र, शांति एवं सुरक्षा के संबंध में निर्णय लेने की आवश्यकता वाले क्षेत्रीय विषयों को संबोधित करती है।

मंत्रीपरिषद् सम्बद्ध मंत्रियों द्वारा बनायीं जाती है, और असाधारण रूप से, प्राधिकृत उपमंत्री द्वारा ऐसा किया जाता है। सदस्य देशों के सम्बद्ध मंत्री, जो एसआईसीए का प्रवक्ता होता है, वर्तमान 6 महीनों के लिए मंत्रिपरिषद् की अध्यक्षता करता है। विदेश मामलों का मंत्रिपरिषद् लोकतांत्रिक प्रक्रिया, शांति स्थापना, क्षेत्रीय सुरक्षा एवं राजनीतिक मामलों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय परिणामों वाले राजनितिक निर्णयों और आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रकृति के उपायों एवं क़दमों के समन्वय के लिए जिम्मेदार होता है।

कार्यकारी समिति में प्रत्येक सदस्य देश का प्रतिनिधि होता है। उनकी नियुक्ति विदेशी मामलों के मंत्री के माध्यम से उनके राष्ट्रपतियों द्वारा की जाती है। कार्यकारी समिति की अध्यक्षता मेजबान देश के प्रतिनिधि द्वारा की जाती है जहां विगत बैठक आयोजित हुई है। कार्यकारी समिति सुनिश्चित करती है कि, सचिवालय के माध्यम से, कि राष्ट्रपतियों की बैठक में लिए गए निर्णयों के दक्ष क्रियान्वयन को देखना; वर्तमान प्रोटोकॉल और इसके पूरक उपकरणों या अधिनियमों के साथ तालमेल सुनिश्चित करना; राष्ट्रपतियों की बैठकों के सामान्य दिशानिर्देशों के अनुरूप आवश्यक प्रतीत होने वाले प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु क्षेत्रवार नीतियों की स्थापना करना और विदेश मामलों की मंत्रिपरिषद् के पास इसके अध्यक्ष के माध्यम से भेजना।

सचिवालय एसआईसीए की एक क्षेत्रीय प्रचालनात्मक निकाय है जिसे 1991 में तेगूसिगालपा प्रोटोकॉल में मध्य अमेरिकी राष्ट्रपतियों के निर्णय पर सृजित किया गया था कि यह क्षेत्रीय एकीकरण प्रयासों के समर्थन में सेवाओं और तकनीकी एवं कार्यकारी क्षमताओं को प्रदान करेगी, विशेष रूप से मध्य अमेरिकी संघ के निरंतर एवं प्रगतिगामी विनिर्माण में। सचिवालय की अध्यक्षता का चक्रण प्रत्येक 6 माह में सदस्य देशों के बीच होता है। विशिष्टीकृत संस्थानों को छोड़कर कई अन्य सचिवालय सीधे तौर पर एसआईसीए के सचिवालय से जुड़े हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004 में डोमिनिकन रिपब्लिक एसआईसीए का सहयोगी सदस्य बना और 2013 में पूर्ण सदस्य बन गया।

चार देशों (ग्वाटेमाला, अलसल्वाडोर, हॉडुरास और निकारागुआ) ने राजनीतिक सांस्कृतिक एवं प्रवासी एकीकरण महसूस किया और मध्य अमेरिका फोर या सेंट्रल अमेरिका-4 (CA-4) बनाया, जिसने साझा आंतरिक सीमा और एक प्रकार के पासपोर्ट पारस्परिक रूप से अपनाए। बेलिज, कोस्टारिका, पनामा और डोमोनिकन रिपब्लिक आर्थिक एकीकरण एवं क्षेत्रीय मित्रता के लिए CA-4 में शामिल हो गए।

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