विज्ञान से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य Vital Facts about Science

  • संवेग परिवर्तन की दर बल के बराबर होती है।
  • यदि कोई बड़ा बल थोड़े समय के लिए कार्य करे, तो बल और समय के गुणनफल को आवेग कहते हैं।
  • घूर्णन गति में द्रव्यमान की अनुरूपता जड़त्व आघूर्ण द्वारा होती है।
  • हाइड्रोमीटर से आपेक्षिक घनत्व की माप की जाती है। सुई पानी पर पृष्ठ तनाव (SurfaceTension) के कारण तैरती है।
  • भिन्न-भिन्न पदार्थों के अणुओं के बीच आकर्षण बल को आसंजक बल कहते हैं।
  • साबुन, घोल के पृष्ठ तनाव को कम कर देता है इसी कारण कपड़े धुलकर साफ हो जाते हैं।
  • रॉकेट का प्रोपल्सन से आगे बढ़ना रेखीय संवेग के संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है।
  • अन्तरिक्ष यान में पृथ्वी के चारों चोर घूमने से अन्तरिक्ष यात्री को भारहीनता का अनुभव होता है क्योंकि यान पर कार्य करने वाला गुरुत्वीय बल यान को अभिकेन्द्री बल उपलब्ध कराने में व्यय हो जाता है।
  • श्यानता गुणांक का मात्रक पाएज है।
  • पनडुब्बी के अन्दर से बाहर की वस्तुएं देखने के लिए पेरिस्कोप का प्रयोग किया जाता है।
  • बादल, वायु की श्यानता तथा अपने क्रम घनत्व के कारण हवा में तैरते हैं।
  • कृत्रिम उपग्रह के माध्यम से संचार के सूक्ष्म तरंगों का उपयोग किया जाता है।
  • केशिका का व्यास दोगुना कर देने से उसके अंदर पानी का चढ़ाव आधा रह जाता है।
  • बत्ती वाले स्टोव में कैरोसीन पृष्ठ तनाव के गुण के कारण बती में चढ़ जाता है।
  • कृत्रिम वर्षा कराने के लिए सिल्वर आयोडाइज्ड का प्रयोग किया जाता है।
  • रबर की अपेक्षा स्टील अधिक प्रत्यास्थ है।
  • रॉकेट संवेग संरक्षण के सिद्धांत पर कार्य करता है।
  • द्रव का पृष्ठ तनाव अणुओं के मध्य संसंजक बल के कारण होता है।
  • सबसे अधिक परिवर्तन मौसमी गतिविधियों में होते हैं।
  • ट्राइबोलॉजी में घर्षण एवं स्नेहक का अध्ययन किया जाता है।
  • मानव निर्मित उपग्रह थमॉस्फियर में स्थापित किए जाते हैं।
  • पृथ्वी के गुरुत्व से निकलकर अन्तरिक्ष में प्रवेश के लिए आवश्यक न्यूनतम गति 2 किमी./सेकेंड है।
  • बरनौली का सिद्धांत ऊर्जा संरक्षण पर आधारित है।

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