आम बजट 2015-16 का सारांश Summary of Budget 2015-16

मनरेगा के लिए 34,699 करोड़ रुपये का आरंभिक आवंटन मध्यम वर्ग के करदाताओं को रियायतों का तोहफा

घरेलू विनिर्माण एवं ‘मेंक इन इंडिया' को प्रोत्साहन के जरिए रोजगारों का सृजन

स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि में अंशदान पर 100 फीसदी कटौती

केंद्र प्रायोजित 8 योजनाओं को केंद्रीय सहायता से मुक्त किया गया

24 योजनाएं परिवर्तित हिस्सेदारी के साथ चलाई जाएंगी जबकि 31 योजनाओं को सरकार से पूरी सहायता मिलेगी

देशभर में फैले डाक नेटवर्क का उपयोग औपचारिक वित्तीय प्रणाली तक पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा

सुकन्या समृद्धि खाता योजना के तहत बालिकाओं के लिए धारा-80सी के तहत कर लाभ

बुनियादी ढांचे में निवेश 70,000 करोड़ रुपये बढ़ा

5 नई अल्ट्रा मेंगा पॉवर परियोजनाएं स्थापित होंगी

कुडानकुलम नाभिकीय बिजली स्टेशन की दूसरी इकाई 2015-16 में शुरू होगी

बजट संभाषण में सरकार की प्राथमिकताओं में प्राकृतिक संसाधनों का प्रभावी और अधिकतम आवंटन और वित्तीय समावेषण शामिल

⇒ लोगों के विकास के लिए नीलामी के माध्यम से कोयला और खांनेज जैसे प्राकृतिक ससाधनों का प्रभावी और अधिकतम आवंटन।

⇒ वित्तीय समायोजन

⇒ सभी के स्वास्थ्य और स्वच्छता

⇒ बालिका और देखभाल और उनकी शिक्षा

⇒ युवाओं के लिए रोजगार सृजन

⇒ बाधा मुक्त व्यापारिक वातावरण

⇒ गरीबो के लिए लाभों की प्राप्ति को और उपयुक्त बनाया जाएगा।

⇒ रोजगारों के सृजन के लिए आकर्षक निवेश

⇒ रोजगार बाजार का विस्तार और श्रमिकों के कल्याण को सुनिश्चित करना

⇒ किसानों के लिए अधिक आय के सृजन हेतु कृषि उत्पादकता में सुधार

⇒ नवीन और नवीकरण उर्जा स्रोतों सहित सभी संसाधनों का उपयोग करते हुए देश को उर्जा युक्त बनाना

⇒ धरा से अतारेक्ष तक प्रौद्योगिकी को अपनाना

⇒ कौशल भारत कार्यक्रम

⇒ सरकार में कुशल और बेहतर कार्य वातावरण

⇒ व्यापार के सरलीकरण के लिए रेड टेप से रेड कारपेट तक की नीति

⇒ देश के पूर्वोत्तर क्षेत्रो को मुख्य धारा में शामिल करना।

⇒ राष्ट्र के सम्मान और इसकी संस्कृति को प्रोत्साहन देना।


मनरेगा के लिए 34,699 करोड़ रुपये का आरंभिक आवंटन

केंद्रीय वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में केंद्रीय बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए कहा की सरकार मनरेगा के जरिए रोजगार में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी गरीब रोजगार के बगैर न रह जाए। वित्तमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए 34,699 करोड़ रुपये का आरंभिक आवंटन किया गया है। उन्होने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत कार्यों को गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार लाने पर ध्यान दिया जाएगा।


मध्यम वर्ग के करदाताओं को रियायतों का तोहफा

वित्तमंत्री ने विभिन्न कर रियायतों एवं प्रोत्साहनो को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया, ताकि कर विवादों में कमी आ सके और कर प्रशासन बेहतर हो सके। उन्होने कहा कि बचत को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कटौती की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। वही, वरिष्ठ नागरिकों के मामले में इसे 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।


घरेलू विनिर्माण एवं ‘मेंक इन इंडिया' को प्रोत्साहन के जरिए रोजगारों का सृजन

बड़ी सख्या में रोजगारों के सृजन हेतु घरेलू विनिर्माण एवं ‘मेंक इन इंडिया' को प्रोत्साहन देने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने संसद में पेश आम बजट 2015-16 में सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क में अनेक रियायतों की घोषणा की।


स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि में अंशदान कर 100 फीसदी कटौती

वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली द्वारा पेश आम बजट में स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि के बारे में एक अहम प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत स्वच्छ भारत कोष (निवासी और अनिवासी दोनो दवारा) और स्वच्छ गंगा निधि (निवासी दवारा) में दिए गए दान (कंपनी अधिनियम 2013 को धारा 135 के अनुसार किए गए सीएसआर अंशदान को छोड़कर) आयकर अधिनियम को धारा 80जी के तहत 100 फीसदी कटौती के पात्र होगी।


रोजगार सृजन के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80 जेजेएए में संशोधन का प्रस्ताव

आयकर अधिनियम की धारा 80 जेजेएए के प्रावधानो में संशोधन का प्रस्ताव, न्यूनतम 100 मजदूरो को पात्रता को घटाकर 50 मजदूर करने का प्रस्ताव।


स्वच्छ भारत कोष की स्थापना

स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि के महत्व पर विचार करते हुए अधिनियम को धारा 10 (23 ग) में संशोधन का प्रस्ताव है, जिससे स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि की आय को आयकर से छूट दी जा सके। ये संशोधन 1 अप्रैल 2015 से प्रभावी होगे।


विश्व सांस्कृतिक धरोहर स्थलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा

निम्नलिखित धरोहर स्थलों पर काम शुरू करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया है:

  • पुराने गोवा के गिरिजाघरों और कॉन्वेन्टस
  • हम्पी, कर्नाटक
  • कुम्भलगढ़ और राजस्थान के अन्य किले
  • रानी को वाव, पाटन, गुजरात
  • लेह पैलेस, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर
  • वाराणसी मंदिर शहर, उत्तर प्रदेश
  • जलियांवाला बाग, अमृतसर पंजाब
  • कुतुबशाही मकबरा, हैदराबाद, तेलंगाना

श्री जेटली ने 43 देशों के यात्रियों को आगमन पर वीजा देने की सुविधा को सफलता के बाद 150 देशों के यात्रियों को यह सुविधा देने का प्रस्ताव किया है।


क्षेत्र तटस्थ वित्तीय शिकायत निवारण एजेंसी गठित करने के लिए कार्यबल का गठन किया जाएगा

सरकार को भारतीय वित्तीय कोड (आईएफसी) के बारे में बड़ी संख्या में सुझाव प्राप्त हुए हैं जिसकी समीक्षा वर्तमान में न्यायमूर्ति श्री कृष्णा कमेंटी द्वारा की जा रही है। वित्त मंत्री ने आशा व्यक्त को आने वाले समय में वे विचार-विमर्श के लिए संसद में आईएफसी पेश कर सकेगी।


वायदा बाजार आयोग का सेबी में विलय किया जाएगा

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने वस्तु वायदा बाजार के निगमन को मजबूत बनाने और अन्धाधुंध सट्टेबाजी कम करने के लिए वायदा बाजार आयोग को सेबी में विलय करने का प्रस्ताव किया है। वित्त विधेयक-2015 में सरकारी प्रतिभूति अधिनियम और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव है।


कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के तहत कर्मचारियों को दो विकल्प दिए जाएंगे

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण ने घोषणा की है कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के सदभे में कर्मचारियों को दो विकल्प देने की आवश्यकता है। पहला, कर्मचारी या तो ईपीएफ को चुन सकते हैं अथवा नई पेंशन योजना को। दूसरा, निश्चित मासिक आय के नीचे के कर्मचारियों के लिए ईपीएफ में योगदान वैकल्पिक होना चाहिए और यह मालिकों के योगदान को कम किए बिना या प्रभावित किए बिना होना चाहिए। ईएसआई के बारे में उन्होने कहा कि कर्मचारियों को ईएसआई या बीमा निगमन विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) द्वारा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य बीमा उत्पाद में से किसी एक को चुनने का विकल्प होना चाहेए।

वित्त मंत्री ने घोषणा की हितधारको के साथ विचार-विमशे करने के बाद इस बारे में सशोधित कानून लाया जाएगा।


कारपोरेट टैक्स में कमी होगी और जीएसटी को लागू किया जाएगा

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा है कि कारपोरेट टैक्स दर के अगले 4 वर्षों के दौरान वतेमान 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रावधान है।


स्वरोजगार और प्रतिभा का उपयोग (सेतु) की स्थापना होगी

सेतु एक औद्योगिक-वित्तीय उद्धवन होगा और अन्य स्व-रोजगार के क्रियाकलापों, विशेषकर प्रद्योगिकी प्रेरित क्षेत्र में व्यवसाय चलाने के सभी पहलुओं की सहायता करने हेतु सहायता कार्यक्रम होगा। इस प्रयोजन के लिए, नीति आयोग में आरभिक रूप में 1000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।


सरकार की एक्ट ईस्ट नीति

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने कबोडिया, म्यांमार, लाओस, और वियतनाम नामक सीएमएलवी देशो में विनिर्माण केंद्रो के गठन की घोषणा की। लोकसभा में आम बजट 2015-16 को प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत सरकार को एक्ट ईस्ट नीति दक्षिण-पूर्वी एशिया में सघन आर्थिक और कार्यनीतिक सबधो को बढ़ाने की दिशा में किया गया प्रयास है।


विदेशी निवेश जुटाने के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के विदेशी निवेशों और विदेशी प्रत्यक्ष निवेशों के बीच के विभेद को दूर

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने विदेशी निवेश जुटाने के लिए, भारतीय कम्पिनियों हेतु प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने हेतु, वेभेन्न प्रकार के विदेशी निवेशों, खासकर विदेशी पोर्टफोलियो निवेश और विदेशी प्रत्यक्ष निवेशों के बीच के विभेद को दूर करने और उनके स्थान पर सामेंश्न उच्चतम सीमाए लाए जाने की मांग की है। जो क्षेत्र पहले से ही 100 प्रतिशत स्वचालित मांग के अंतर्गत आते है, प्रभावित नहीं होगे।


सोने का मुद्रीकरण

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने सोने के मुद्रीकरण के लिए कई कदमो की घोषणा की है। लोकसभा में आम बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत विश्व में सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है तथा प्रतिवर्ष 800-1000 टन स्वर्ण का आयात करता है।


विकास को हरित होना चाहिए

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा है कि सरकार विकास प्रक्रिया को जहां तक संभव है, हरी-भरी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज यहां संसद में आम बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए श्री जेटली ने कहा है कि अधिकाश पैट्रोलियम उत्पादों पर हमारा वास्तविक कार्बन टैक्स अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।


बजट 2015-16 की मुख्य विशेषताएं Budget 2015-16 Highlights

⇒ पिछले नों माह में भारतीय अर्थव्यवस्था की साख बढ़ी।

⇒ भारतीय अर्थव्यवस्था तीव्र विकास के पथ पर प्रशस्त है।

⇒  कमजोर वैश्विक आर्थिक वृद्धि के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के अधिकाश विकास संकेतक उन्नति के मार्ग पर।

⇒ भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में आर्थिक रूप से सशक्त राज्यों को समान रूप से सहभागिता।

⇒ प्रतिकूल वृहद आर्थिक संकेतको के साथ भारतीय अथव्यवस्था पहले नियति और निराशा के दौर में थी, किंतु पिछले नौ महीनों में देश कामयाबी की छलांग लगाते हुए 7.4% के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद के साथ अब नई श्रृखला में विश्व की सबसे बड़ी और तेजी से उभरने वाली अर्थव्यवस्था के रुप में सामने आया है।

⇒ शेयर बाजार में 2014 में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।

⇒ दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और दोहरे अंको को विश्वसनीय आर्थिक विकास दर हासिल की गई।

⇒ विभिन्न क्षेत्र में बेहतर सेवा के माध्यम से सरकार ने जनता का विश्वास हासिल किया।

वित्तीय समायोजन- सौ देनो के भीतर 12 दशमलव पांच करोड़ पारेवारो को वित्तीय मुख्य धारा में शामिल गया।

⇒ राज्यों के संसाधनो में वृद्धि के लिए पारदर्शी कोयला ब्लॉक नीलामी।

⇒ स्वच्छ भारत अभियान न सिर्फ स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार का एक कार्यक्रम है बल्कि यह भारत के पुनर्निर्माण आंदोलन का रूप ले चुका है।

व्यापक सुधारों का शुभारंभ- माल और सेवाकर (जी एस टी)

⇒ प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए - जन धन, आधार और मोबाइल (जे ए एम) कारगर हथियार

⇒ मुद्रा स्फीति में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई।

⇒ वर्ष के अंत तक 5 प्रतिशत सीपीआई स्फीति। इसके परिणाम स्वरूप मौद्रिक नीति को सरल बनाया।

⇒ मुद्रास्फीति को 6 प्रतिशत से कम रखने की दृष्टि से भारतीय रिजर्व के साथ मौद्रिक नीति प्रारूप समझौता।

अमृत महोत्सव- वर्ष 2022 – स्वतंत्रता को 75वीं वर्षगाठ, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में टीम इंडिया हेतु दृष्टिकोण सभी के लिए आवास- शहरी क्षेत्रो में 2 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्रो में 4 करोड़ आवास। 24 घंटे बिजली, स्वच्छ पेयजल, एक शौचालय सड़क संपर्क की मूलभूत सुविधा।

⇒ आजीविका के लिए परिवार के कम से कम एक सदस्य को रोजगार।

⇒ महत्वपूर्ण गरीबी उन्मूलन।

⇒ 2020 तक ऑफ-ग्रिड सौर उर्जा सहित शेष 20 हजार ग्रामो का विद्युतीकरण

मेंक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम् से भारत को विश्व के विनिर्माण केद्र में परिवर्तित करना।

⇒ युवाओं को रोजगार सृजन बनाने के लिए उद्यमिता की भावना का प्रोत्साहन और विकास।

⇒ पूर्व और पूर्वोत्तर क्षेत्र का देश के अन्य भागों की तरह ही विकास कारना।

⇒ सरकार सकल घरेलू उत्पाद को तीन प्रतिशत की दर पर राजकोषीय घाटा लक्ष्य हासिल करने के लिए कृत संकल्प है।

⇒ लाभार्थियों की संख्या एक करोड से बढ़ाकर 10 दशमलव 3 करोड़ के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का विस्तार।

⇒ कृषि उत्पादन हेतु दो महत्वपूर्ण निर्याणक कारकों मृदा और जल से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

⇒ परंपरागत कृषि विकास योजना को पूरी तरह से सहायता प्रदान की जाएगी।

⇒  प्रांते बूंद अधिक फसल प्राप्त करने हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना।

⇒ वर्ष 2015-16 के लिए 8.5 लाख करोड़ रुपए का कृषि ऋण लक्ष्य।

⇒ ऋण देने में अंतरजातीय और अंतर जन जातीय उद्यमो को वरीयता।

⇒ गावो में फैले 1,54,000 उपस्थित केद्रों वाले डाक नेटवर्क का सामान्य वित्तीय प्रणाली तक लोगो को पहुंच बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाएगा।

⇒ केवल 12 प्रतिवर्ष के प्रीमियम पर 2 लाख रुपए के दुर्घटना जन्य मृत्यु जोखिम को कवर करने के लिए प्रधानमन्त्री सुरक्षा बीमा योजना।

⇒ पी पी एफ में लगभग 3 हजार करोड़ रुपए कर्मचारी भविष्य निधि की संचित राशि में अनुमानतः 6 हजार करोड़ रुपए की अदावाकृत जमा राशि।

⇒ सड़कों और रेल मागों के लिए परिव्यय में तीव्र वृद्धि।

⇒ सरकारी क्षेत्र में पूंजीगत व्यय बढ़ाया गया।

⇒ 20,000 करोड़ रुपए के वार्षिक प्रवाह से राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना निधि की स्थापना की जाएगी।

⇒ प्लग और प्ले मोड में प्रत्येक 4000 मेंगावाट वाली 5 नई अल्ट्रा मेंगा विद्युत् परियोजनाएं।

⇒ सोना खरीदने के लिए विकल्प के तौर पर सरकारी स्वर्ण बाण्ड स्कीम बनाना।

⇒ भारतीय सोने के सिक्के बनाने की दिशा में कार्य करना, जिसके अग्र भाग में अशोक चक्र होगा।

⇒ निर्भया निधि के लिए 1000 करोड़ रुपए।

⇒ आगमन पर वीजा सुविधा का विस्तार चरणबद्ध तरीके से 150 देशों तक करना।

⇒ नवीकरणीय उर्जा क्षमता को 2022 तक बढ़ाकर 1,75,000 मेंगावाट तक करने का लक्ष्य।

⇒ आंध्र प्रदेश की तरह बिहार और पश्चिम बंगाल में विशेष सहायता उपलब्ध कराई।

⇒ जम्मू-कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और असम में नए एम्स की स्थापना, बिहार में एम्स जैसे दूसरे संस्थान की स्थापना।

⇒ वित्त वर्ष हेतु आयोजना भिन्न व्यय 13,12,200 करोड़ रुपए अनुमानित।

⇒ आयोजना व्यय 4,65,277 करोड़ रुपए अनुमानित है।

⇒ कुल व्यय 17,77,477 करोड़ रुपए अनुमानित है। रक्षा, आतंरिक सुरक्षा व्यय और अन्य आवश्यक व्यय को आवश्कता की पर्याप्त पूर्ति का प्रावधान किया गया।

⇒ सकल कर प्राप्तियां 14,49,490 करोड़ रुपए अनुमानित है।

⇒ राज्यों को अंतरण 5,23,958 करोड़ रुपए अनुमानित है।

⇒ केन्द्र सरकार का हिस्सा 9,19,842 करोड़ रुपए होगा।

⇒ आगामी वित्त वर्ष के लिए कर-भिन्न राजस्व 2,21,733 करोड़ रुपए अनुमानित है।

⇒ अगले वित्त वर्ष से चार वर्षों में कारपोरेट कर को 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।

⇒ बचत सुगम बनाने के लिए व्यष्टि करदाता को छूट जारी करेगी।

⇒ काले धन के सृजन और उसे छिपाने के कृत्य से प्रभावी और बलपूर्वक निपटा जाएगा। इस मामले में स्विस अधिकारीयों के साथ बातचीत का एक प्रमुख सकारात्मक परिणाम भी सामने आया है।

⇒ काले धन पर महत्वपूर्ण नए कानून।

⇒ देश में विनिर्माण इकाईयों का विकास और निवेश तथा संवर्द्धन उपलब्ध कराना ताकि उनमें रोजगार सृजन हो सके।

⇒ एबुलेंस के चेसिस पर उत्पाद शुल्क को 24 प्रतिशत से घटाकर 12.5% किया गया।

⇒ कर प्रक्रियाओं का सरलीकरण।

⇒ वार्षिक रूप से एक करोड़ से अधिक कर योग्य आय वाले धनिकों पर 2 प्रतिशत का अतिरिक्त अधिभार।

⇒ घरेलू अंतरण मूल्य निर्धारण की प्रारंभिक सीमा पांच करोड़ रुपए से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए की गई।

⇒ नशीले पदाथों के दुरुपयोग के नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय निधि में किया गया अनुदान आयकर अधिनियम की धारा 80जी के अंतर्गत 100 प्रतिशत छूट।

⇒ स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि में सीएसआर अंशदान के अलावा, अंशदानो के लिए 100 प्रतिशत को छूट।

⇒ स्वच्छ पर्यावरण पहलों के लिए वित्त पोषण के लिए कोयला आदि पर स्वच्छ उर्जा उप कर को 100 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए प्रति मीट्रिक टन किया गया।

⇒ विद्युत् चालित वाहनो और हाई ब्रिड वाहनों पर लागू रियायती सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क को समय सीमा 31 माचे 2016 तक बढ़ाई गई।

⇒ स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को छूट सीमा को 15 हजार रुपए से 25 हजार रुपए तक, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए 20,000 से 30,000 हजार तक किया गया।

⇒ 80 वर्ष से अधिक की आयु वाले वरिष्ठ नागरिक जो स्वास्थ्य बीमा में कवर नहीं है, उन्हें चिकित्सीय व्यय के लिए 30 हजार रुपए की कटौती की अनुमति दी गई।

⇒ विक्लांग व्यक्तियों के लिए 25 हजार रुपए की अतिरिक्त कटौती। पेशन निधि और नई पेशन स्कीम में अंशदान के लिए 50 हजार रुपए को अतिरिक्त छूट।

⇒ कृषि उत्पाद को ढुलाई में सेवाकर से छूट जारी रहेगी।

⇒ कृत्रिम हृदय को 5 प्रतिशत के बुनियादी सीमा शुल्क और सी वी डी से छूट।


आम बजट 2015-16: प्रमुख कार्यक्रम

सरकार के प्रमुख कार्यक्रम

कृषि

कृषि उन्नति योजना के लिए आम बजट में 3257 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह खाद्य सुरक्षा के लिए प्रमुख कार्यक्रम है।

कृषि उन्नति योजना में निम्नलिखित शामिल हैं- मृदा सेहत कार्ड, कृषि सहयोग एवं कृषि विपणन योजना तथा कृषि वेस्तार, बागवानी विकास व मूल्य स्थिरीकरण कोष पर राष्ट्रीय मिशन और सतत कृषि पर राष्ट्रीय मिशन।

डेयरी विकास अभियान के लिए बजट में 481 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के तहत आतंरिक दूध को खरीदना है।

डेयरी विकास अभियान में निम्नलिखित शामिल हैं - राष्ट्रीय डेयरी प्लान के लिए प्रमुख कार्यक्रम, डेयरी उद्यमिता योजना और डेयरी विकास योजना।

नीली क्रांति के लिए 411 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के लिए एक प्रमुख कार्यक्रम है।

फसल बीमा के लिए आम बजट में 2589 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के लिए 3295 करोड़ रुपये बजट में अलग से रखे गए हैं।

पूर्वोत्तर राज्यों में जैविक खेती के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वाणिज्य एवं उद्योग दिल्ली मुंबई औद्योगिक कॉरीडोर के लिए बजट में 1200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मेक इन इंडिया के लिए 310 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य एक निवेश गतव्य के तौर पर भारत को बढ़ावा देना और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करते हुए भारत को एक विनिर्माण केन्द्र (मैन्युफैक्चरिंग हब) के रूप में स्थापित करना है, ताकि उनके उत्पाद भारत में ही बनाए जा सके।

विदेश व्यापार एवं निर्यात संवर्धन के लिए 910 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

अन्य प्रमुख (फ्लैगशिप) कार्यक्रम

डिजिटल इंडिया के लिए 2510 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है।

यह कार्यक्रम सुशासन, वर्चुअल क्लासरूम, साइबर सुरक्षा, आम जनता के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क पर केन्द्रित है।

स्वच्छ उर्जा पहलों के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ उर्जा कोष-4700 करोड़ रुपये

स्वदेश दर्शन घरेलू पर्यटन सर्किट- 600 करोड़ रुपये

भारत यूआईडी प्राधिकरण- 2000 करोड़ रुपये

कौशल विकास एवं उद्यमशीलता- 1500 करोड़ रुपये

ग्रामीण एवं शहरी विकास

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत ग्रामीण विद्युतीकरण्- 4230 करोड़ रुपये

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण- 29420 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- 4134 करोड़ रुपये

रूबेन- इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्र में प्रवास कम करने के लिए रूबेन क्लस्टरो में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना तथा प्रांतगामी प्रवास को प्रोत्साहित करना है।

मेट्रो परियोजनाएं- 8260 करोड़ रुपये

इनमें दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, कोच्चि, जयपुर, विशाखापत्तनम, अहमदाबाद, लखनऊ, नागपुर शामिल हैं।

100 स्मार्ट सिटी- 5899 करोड़ रुपये

बढ़ते शहरोकरण और विश्वस्तरीय शहरी बुनियादी ढांचे की जरूरत पर ध्यान देने के लिए एक व्यापक योजना

नमामि गंगे- 2100 करोड़ रुपये

सरकार की सामाजिक पहलें

महिलाओं की सुरक्षा के लिए निर्भया कोष- 1000 करोड़ रुपये

स्वास्थ्य- 7824 करोड़ रुपये

शिक्षा (स्कूली शिक्षा और उच्चतर शिक्षा)- 17672 करोड़ रुपये

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ- 100 करोड़ रुपये

इस योजना का उद्देश्य जन अभियानो, केन्द्रित प्रयासों एवं बहु-क्षेत्रवार कदमों के जरिए गिरते बालक-बालिका अनुपात के मुद्दे पर ध्यान देना है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता- 3295 करोड़ रुपये

इनमें अनुसूचित जातियों, राजीव गांधी राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, मैला ढोने वालो के लिए स्व-रोजगार एवं पुनर्वास, निःशक्तजनों का कल्याण शामिल है।


बिजली चालित वाहनों के विशेष कलपुजों पर रियायती उत्पाद शुल्क अब मार्च 2016 तक

बिजली चालित वाहनों और हाइब्रिड वाहनों के विशेष कलपुर्जों पर लागू सीमा एवं उत्पाद शुल्क की रियायती दरें अब 31 माचे, 2016 तक मान्य रहेगी। इससे पहले इन रियायती दरों के 31 माचे, 2015 तक ही लागू रहने का प्रस्ताव किया गया था। वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली दवारा आज पेश आम बजट 2015-16 में यह जानकारी दी गयी है।

कोयले एवं लिग्नाइट पर लगाए गए स्वच्छ उर्जा उपकर को अनुसूचित दर प्रति टन 100 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गयी है। स्वच्छ उर्जा उपकर को प्रभावी दर प्रति टन 100 रुपये से बढाकर 200 रुपये की जा रही है।

औद्योगिक उपयोग को छोड़ अन्य इस्तेमाल वाली इथिलीन के पॉलीमर्स से बनी बोरियों पर उत्पाद शुल्क 12 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया जा रहा है। बजट 2015-16 में यह प्रस्ताव किया गया है।


मध्यम वर्ग के करदाताओं को रियायतों का तोहफा

वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने लोकसभा में दिए अपने बजट भाषण में विभिन्न कर रियायतों एवं प्रोत्साहनो को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया, ताकि कर विवादों में कमी आ सके और कर प्रशासन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बचत को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कटौती की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। वहो, वरिष्ठ नागरिकों के मामले में इसे 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।

बजट में यह भी प्रस्ताव है कि अत्यत वरिष्ठ नागरिक के मामले में निर्दिष्ट बीमारियों के कारण होने वाले खर्चों पर कटौती की सीमा 60,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये कर दी जाए।

बजट में एक प्रस्ताव यह भी कि आश्रित विकलांग व्यक्ति के चिकित्सा उपचार सहेित देखभाल के संबंध में कटौती की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दी जाए। इसके साथ ही गंभीर विकलागता की दशा में कटौती की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये करने का प्रस्ताव बजट में किया गया है।

बजट में एक प्रस्ताव यह है कि सुकन्या समृद्धि योजना में किए जाने वाले निवेश पर धारा 80सी के तहत रियायत मिलेगी तथा इस योजना के तहत किए जाने वाले किसी भी भुगतान पर कर नहीं लगेगा।

बजट में एक प्रस्ताव यह है कि नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी द्वारा किए जाने वाले अंशदान के कारण कटौती की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी जाए। नई पेशन स्कीम में किए गए अंशदान के संबंध में 1.50 लाख रुपये की सीमा के अलावा 50,000 रुपये की कटौती प्रदान करने का भी प्रस्ताव बजट में है।

कर में कटौती का ब्यौरा कुछ इस प्रकार है-

⇒ धारा 80सी के तहत कटौती - 1,50,000 रुपये

⇒ धारा 80सीसीडी के तहत कटौती - 50,000 रुपये

⇒ आवास (स्व-अधिकृत) ऋण के ब्याज पर कटौती - 2,00,000 रुपये

⇒ स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर धारा 80डी के तहत कटौती - 25,000 रुपये

⇒ परिवहन भत्ते पर छूट - 19,200 रुपये कुल 4,44,200 रुपये


घरेलू विनिर्माण एवं ‘मेक इन इंडिया' को प्रोत्साहन के जरिए रोजगारों का सृजन

बड़ी संख्या में रोजगारों के सृजन हेतु घरेलू विनिर्माण एवं ‘मेक इन इंडिया' को प्रोत्साहन देने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने संसद में पेश आम बजट 2015-16 में सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क में अनेक रियायतों की घोषणा की।

कुछ खास कच्चे माल जैसे धातु पुर्जे, इन्सुलेटेड वायर एवं केबल, रेफ्रिजरेटर कम्प्रेशर के कलपुर्जों, वीडियो कैमरा के कंपाउंड्स इत्यादि पर सीमा शुल्क घटा दिया गया है।

इसी तरह लेथ मशीनो में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास कच्चे माल पर देय बुनियादी सीमा शुल्क को 7.5 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी और एलसीडी/एलईडी टीवी पैनलों पर बुनियादी सीमा शुल्क को 10 फीसदी से घटाकर शून्य किया जा रहा है। पेसमेकर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विशेष कच्चे माल पर सीवीडी और एसएडी से पूरी तरह छूट दी जा रही है।

सेनवैट क्रेडिट के जमा होने की समस्या से निपटने के लिए लोहे एवं इस्पात, तांबा और अल्युमिनियम के मेटल स्क्रैप पर एसएडी को 4 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है।

मेटलर्जिक कोक पर बुनियादी सीमा शुल्क बढ़ा दिया गया है। वाणिज्यिक वाहनों पर शुल्क दर 10 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया गया है।


स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि में अंशदान पर 100 फीसदी कटौती

वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली दवारा पेश आम बजट में स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि के बारे में एक अहम प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत स्वच्छ भारत कोष (निवासी और अनिवासी दोनो दवारा) और स्वच्छ गंगा निधि (निवासी दवारा) में दिए गए दान (कंपनी अधिनियम 2013 को धारा 135 के अनुसार किए गए सीएसआर अंशदान को छोड़कर) आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत 100 फीसदी कटौती के पात्र होगी।


गार पर अमल दो साल टला

28 फरवरी, 2015 को वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने संसद में दिए गए अपने भाषण में सामान्य अपवंचन निवारक नियमावली (गार) का भी जिक्र किया। उन्होने कहा कि गार पर अमल का मामला बहस का विषय रहा है। गार से सम्बंधित कतिपय विवादास्पद मामले भी हैं जिन्हे सुलझाए जाने की जरूरत है। अतः गार पर अमल को 2 साल तक टालने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय लिया गया है कि 31 माचे, 2017 तक किए जाने वाले निवेश पर गार लागू नहीं होगा।


एमएसएमई के पास नकदी का प्रवाह बढ़ाने के लिए ट्रेड्स से जुड़ा वित्त पोषण

लोकसभा में दिए गए बजट भाषण में वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उपक्रमो (एमएसएमई) से जुड़ी लिक्विडिटी समस्या का भी जिक्र किया। उन्होने कहा कि एमएसएमई को कार्यशील पूंजी संबंधी जरूरतो का एक बड़ा हिस्सा रेसीवेबल्स की प्राप्ति में लंबा समय लगने के चलते सृजित होता है। उन्होने कहा कि हम कम्पिनियों एवं अन्य खरीदारों की ओर से एमएसएमई के ट्रेड रेसीवेबल्स के विभिन्न वित्तपोषको दवारा ट्रेड्स (इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड रेसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम) संबंधी वित्त पोषण का इंतजाम करने की प्रक्रिया में है। इससे एमएसएमई के पास उपलब्ध नकद प्रवाह (लिक्विडिटी) में काफी सुधार होने की उम्मीद है।


अप्रत्यक्ष कर प्रस्तावों से अर्थव्यवस्था को ज्यादा से ज्यादा लाभ होंगे

सेवा कर की दर 12 फीसदी+शिक्षा उपकर से बढ़कर 14 फीसदी

वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने बजट पेश करते हुए लोकसभा में कर आधार बढ़ाने के कदमो की घोषणा की जिससे अर्थव्यवस्था को जयादा से ज्यादा लाभ होगी।

सेवा कर की दर 12 फीसदी+शिक्षा उपकर से बढ़ाकर 14 फीसदी की जा रही है। सेवा कर की नई दर में शिक्षा उपकर और माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा उपकर शामिल होंगे। संशोधित दर अधिसूचना की तरीख से लागू होगी। सेवा कर की ऋणात्मक सूची की समीक्षा भी की गई है।

सामान्य परिवर्जन रोधी नियम (गार) से संबंधित उपबंधों का स्थगन

लोकसभा में आम बजट 2015-16 पेश किया गया जिसके अनुसार वित्त अधिनियम 2013 द्वारा पुनस्थापित सामान्य परिवर्जन रोधी नियम (गार) के विद्यमान उपबंध अधिनियम के अध्याय 10 क (धारा 95 से धारा 102) और धारा खक में दिए गए हैं। अध्याय 10 क में गार के सारभूत उपबंध का उपबंध करता है, जबकि धारा 144 खक गार का अवलम्ब लेने के लिए आरम्भ की जाने वाली प्रक्रिया और अवलम्ब लिए जा रहे, निर्धारण आदेश के पारेणामस्वरूप निर्धारण आदेश के पारित किए जाने का उपबंध करती है।

गार उपबंध एक अप्रैल 2016 से प्रभावी होने हैं। ये उपबंध वित्तीय वर्ष 2015-16 और उसके पश्चात की आय पर लागू होंगे।

प्रस्ताव है कि गार के कार्यान्वयन को दो वर्ष स्थगित किया जाए और ये उपबंध वित्तीय वर्ष 2017-18 और उसके पश्चात की आय पर लागू होगे। संशोधन 1 अप्रैल, 2015 से प्रभावी होगा।


व्यक्तिगत और कंपनी आयकर सीमा में कोई बदलाव नहीं

लोकसभा में आम बजट 2015-16 पेश किया गया जिसके अनुसार एसेसमेंट वर्ष 2016-17 के लिए व्यक्तिगत और कम्पनी आयकर की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बजट में आयकर अधिनियम 1961, संपत्ति कर 1957, उत्पाद शुल्क कानून, सीमा शुल्क, वित्त अधिनियम 1994 एवं वित्त अधिनियम 2004 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है।

एक करोड़ से अधिक की आय वाले व्यक्तियों, अविभाजित हिन्दू परिवारों, एओपी, बीओआई, फ़र्मों, कॉआपरेटिव सोसाइटियों और स्थानीय प्राधिकरणो पर 12 प्रतिशत अधिकर का प्रस्ताव किया गया है। एक करोड़ से 10 करोड़ तक की आय वाली घरेलू कंपनियों पर 7 प्रतिशत और 10 करोड़ से अधिक आय वालो कंपनियों पर 12 प्रतिशत अधिकर का प्रस्ताव किया गया है।

एक करोड़ से अधिक और 10 करोड़ तक की आय वाली विदेशी कंपनियों पर अधिकर 2 प्रतिशत जारी रहेगा और 10 करोड़ से अधिक आय पर 5 प्रतिशत अधिकर का प्रस्ताव किया गया है।


काले धन पर लगाम लगाने के लिए नया कानून

देश में काले धन पर लगाम लगाने के लिए एक नया विधेयक वर्तमान सत्र में लाने की घोषणा वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आज आम बजट 2015-16 पेश करते हुए की। वित्त मंत्री ने कहा कि यह कानून उनके कर प्रस्तावों का पहला और प्रमुख आधार बनेगा। इस विधेयक में आय एवं संपत्ति छुपाने तथा विदेशी संपत्ति के संबंध में कर-वंचना के लिए 10 वर्ष को कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। इन अपराधो को संगीन अपराध माना जाएगा और ऐसे अपराधो के लिए आय और संपत्ति को मौजूदा दर से 300 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।

नये विधेयक में आयकर विवरणी दाखिल न करने और अधूरी जानकारी के दाखिल करने पर 7 वर्ष की कड़ी सजा का प्रावधान होगा। बैंको, वित्तीय संस्थानो और व्यक्तियों के मामले में इस विधेयक के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी।

वित्त मंत्री ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (फेमा) तथा धन-शोधन कानून-2002 में बदलाव किए जाने का भी प्रस्ताव किया है।

श्री जेटली ने भाषण में अवैध रुप से विदेशों में जमा किए गए काले धन की तलाश जारी रखने और ऐसे धन को वापस लाने की सरकार को प्रतिबद्धता भी दोहरायी। उन्होने कहा कि सरकार ने पिछले 9 माह में इस समस्या के समाधान के लिए कई उपाय किए है।

श्री जेटली ने कहा कि मेक इन इंडिया और घरेलू विनिर्माण से देश में विकास होगा और निवेश में तेजी आएगी, इससे रोजगार पैदा होगे। इससे मध्यम श्रेणी के करदाताओं को फायदा होगा और देश में न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन से पैदा हुए माहौल से व्यवसाय करने में सुविधा होगी।

वित्तमंत्री ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए बेनामी लेन-देन रोकथाम के लिए भी एक नया कानून इसी सत्र में लाने को भी घोषणा की। नए कानून के तहत एक लाख से अधिक की किसी भी खरीद और बिक्री के लिए पैन नम्बर देना अनिवार्य कर दिया जाएगा और 20 हजार से अधिक का लेन-देन नकद किए जाने पर रोक लगा दी जाएगी।


योग व्यवसाय की समस्याएं दूर करने के उपाय

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आज आम बजट 2015-16 पेश करते हुए कहा के योग विश्व को भारत का एक तोहफा है। आय कर अधिनियम की धारा 2 (15) के तहत योग को धर्मार्थ प्रयोजन के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव वित्त मंत्री ने किया।

धर्मार्थ संस्थाओं के सामने आ रही समस्याओं को कम करने को ध्यान में रखते हुए व्यापार, वाणिज्य, या कारोबार के क्रियाकलापों से होने वाली प्राप्तियों पर अधिकतम सीमा सशोधित करके 25 लाख की मौजूदा सीमा से कुल प्राप्तियां 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए गैर लाभकारी संगठनो का एक नेशनल डेटा आधार भी विकसित किए जाने को प्रस्ताव किया गया है।


स्वच्छ भारत अभियान और जन स्वास्थ्य के लिए कर उपायों की घोषणा

केन्द्र सरकार स्वच्छ भारत अभियान के लिए कोष जुटाने के लिए सभी अथवा कुछ सेवाओं पर स्वच्छ भारत उपकर लगाएगी, दो प्रतिशत की दर वाला यह उपकर अधिसूचित होने वाली तिथि से प्रभावी होगा।

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आम बजट 2015-16 पेश करते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यावरण कार्यक्रम के वित्त पोषण के लिए कोयला आदि के प्रति मीट्रिक टन खनन पर स्वच्छ उर्जा उप-कर 100 से बढ़ाकर 300 रुपए करने का प्रस्ताव भी किया गया है। इसी तरह औद्योगिक प्रयोग को छोड़कर एथेलिन के पालीमरो के बोरो और बस्तो पर उत्पाद शुल्क 12 से बढ़ाकर 15 करने का प्रस्ताव भी किया गया है।

जन स्वास्थ्य को प्रोत्साहन देने के तहत सिगरेट पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर (65 मिलीमीटर से लम्बी) 25 प्रतिशत और (65 मिलीमीटर से छोटी) 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसी तरह के प्रावधान सिगार, चेरूट और सिगरिलोस पर किए गए हैं।

एम्बुलेस की चेसिस पर उत्पाद शुल्क घटाकर 24 से 12.5 प्रतिशत किया गया है।


राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की शुरुआत करेगी

जम्मू कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और असम में नए एम्स

सरकार देश में कौशल विकास और उद्यमिता विकास के लिए जल्द ही एक राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की शुरुआत करेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आम बजट 2015-16 पेश करते हुए कहा कि इस मिशन के अन्तर्गत सरकार कुछ मंत्रालयो के तहत साझा पहल करेगी। इस मिशन से 31 क्षेत्रो में कौशल विकास परिषद को मानक प्रक्रियाओं और उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

श्री जेटली ने कहा कि भारत विश्व में सबसे युवा देशों में से एक है जिसको 54 प्रतिशत आबादी 25 वर्ष से नीचे है। उन्होने घोषणा की कि वित्त वर्ष 2015-16 में जम्मू कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और असम में नए एम्स स्थापित किए जाएंगे।


स्वच्छ भारत कोष की स्थापना

वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने लोकसभा में वर्ष 2015-16 का आम बजट पेश किया। इसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों तथा विद्यालय परिसर में स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से स्वच्छता संबंधी सुविधाओं में सुधार के लिए स्वच्छ भारत कोष को स्थापना की गई। स्वच्छता संबंधी सुविधाओं में सुधार करने और गंगा नदी के सरक्षण के राष्ट्रीय प्रयासो में जनसाधारण को भागीदारी को बढ़ाने के लिए अधिनियम की धारा 80छ में संशोधन का प्रस्ताव है। इस उपबंध का भी प्रस्ताव है कि स्वच्छ भारत कोष में किसी दाता द्वारा दिए गए दान और स्वच्छ गंगा निधि में घरेलू दाताओं द्वारा किए गए दान की कुल राशि पर कोई कर नहीं लगेगा। हालांकि कंपनी अधिनियम 2013 को धारा-135 को उपधारा (5) अधीन निगमित सामाजिक दायित्व के लिए खर्च को गई कोई राशि दाता को कुल आय से कटौती के योग्य नहीं होगी। स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि के महत्व पर विचार करते हुए अधिनियम को धारा 10 (23 ग) में संशोधन का प्रस्ताव है, जिससे स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि की आय को आयकर से छूट दी जा सके। ये संशोधन 1 अप्रैल 2015 से प्रभावी होगे।

विश्व सांस्कृतिक धरोहर स्थलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा है कि देश के 25 विश्व सांस्कृतिक धरोहर स्थलो पर सुविधाओं को अभी भी कमी है और उनके जीर्णोद्धार की आवश्यकता है। संसद में आज आम बजट-2015-16 पेश करते हुए वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा कि सुरक्षा और शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और धरोहर स्थल के आसपास के समुदाय के लिए लाभ की योजनाओं सहित भू-सौन्दर्यकरण, द्विभाषीय केन्द्रों, पार्किंग, नि:शक्तजनो और आगन्तुको के लिए सुविधाओं जैसे कार्यों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने निम्नलिखित धरोहर स्थलों पर काम शुरू करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया है

  1. पुराने गोवा के गिरिजाघरो और कॉन्वेन्टस
  2. हम्पी, कर्नाटक
  3. कुम्भलगढ़ और राजस्थान के अन्य किले
  4. रानी को वाव, पाटन, गुजरात
  5. लेह पैलेस, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर
  6. वाराणसी मंदिर शहर, उत्तर प्रदेश
  7. जालियांवाला बाग, अमृतसर पंजाब
  8. कुतुबशाही मकबरा, हैदराबाद, तेलंगाना

श्री जेटली ने 43 देशों के यात्रियों को आगमन पर वीजा देने की सुविधा को सफलता के बाद 150 देशों के यात्रियों को यह सुविधा देने का प्रस्ताव किया है।

क्षेत्र तटस्थ वित्तीय शिकायत निवारण एजेंसी गठित करने के लिए कार्यबल का गठन किया जाएगा

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जटली ने क्षेत्र तटस्थ वित्तीय शिकायत निवारण एजेंसी गठित करने के लिए कार्यबल बनाने का प्रस्ताव किया है। यह एजेंसी सभी वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली को शिकायतो को निपटान करेगी। आज लोकसभा में आम बजट 2015-16 में पेश करते हुए श्री जेटली ने कहा कि पूंजी बाजार में सही ढंग से कामकाज के लिए उचित उपभोक्ता सुरक्षा की आवश्यकता होती है।

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि वित्तीय आंकड़े प्रबधन केंद्र, वित्तीय क्षेत्र अपीलीय प्राधिकरण, रिजोल्यूशन कॉरपोरेशन और सार्वजानिक ऋण प्रबधन एजेंसी पर गठित कार्यबल संतोषजनक रूप से कार्य कर रहा है।

सरकार को भारतीय वित्तीय कोड (आईएफसी) के बारे में बड़ी संख्या में सुझाव प्राप्त हुए हैं। जिसकी समीक्षा वर्तमान में न्यायमूर्ति श्री कृष्णा कमेटी द्वारा की जा रही है। वित्त मंत्री ने आशा व्यक्त को आने वाले समय में वे विचार-विमर्श के लिए संसद में आईएफसी पेश कर सकेगा।

वायदा बाजार आयोग का सेबी में विलय किया जाएगा

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने वस्तु वायदा बाजार के निगमन को मजबूत बनाने और अन्धाधुंध सट्टेबाजी कम करने के लिए वायदा बाजार आयोग को सेबी में विलय करने का प्रस्ताव किया है। वित्त विधेयक-2015 में सरकारी प्रतिभूति अधिनियम और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव है।

वित्त विधेयक के जरिए फेमा की धारा-6 में संशोधन का भी प्रस्ताव किया गया है ताकि इक्विटी की तरह ही पूंजी प्रवाहों पर भारतीय रिजवे बैंक के साथ परामर्श करके सरकार द्वारा नियंत्रण रखा जाए।

कर्मचारी अविष्य निधि (ईपीएफ) के तहत कर्मचारियों को दो विकल्प दिए जाएंगे

केद्रीय वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के सदभे में कर्मचारियों को दो विकल्प देने की आवश्यकता है। पहला, कर्मचारी या तो ईपीएफ को चुन सकते हैं। अथवा नई पेंशन योजना को। दूसरा, निश्चित मासिक आय के नीचे के कर्मचारियों के लिए ईपीएफ में योगदान वैकल्पिक होना चाहिए और यह मालिकों के योगदान को कम किए बिना या प्रभावित किए बिना होना चाहिए। ईएसआई के बारे में उन्होने कहा कि कर्मचारियों को ईएसआई या बीमा निगमन विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) द्वारा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य बीमा उत्पाद में से किसी एक को चुनने का विकल्प होना चाहिए।

वित्त मंत्री ने घोषणा की हितधारको के साथ विचार-विमर्श करने के बाद इस बारे में संशोधित कानून लाया जाएगा।

केंद्र प्रायोजित 8 योजनाओं को केंद्रीय सहायता से मुक्त किया गया

24 योजनाएं परिवर्तित हिस्सेदारी के साथ चलाई जाएंगी जबकि 31 योजनाओं को सरकार से पूरी सहायता मिलेगी

वर्ष 2015-16 के योजना परिव्यय में चौंहदवे वित्त आयोग को सिफारिश के अनुसार राज्यों को केंद्रीय करो के 42% उच्च अंतरण को देखते हुए विभिन्न कार्यक्रमो और योजनाओं के लिए किए जाने वाले आवटनो में संरचनात्मक बदलाव दर्शाया गया है। आम बजट 2015-16 पेश करते हुए अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा कि इसके बाद राज्य विषयों से सम्बंधित कई योजनाएं केद्र की सहायता से मुक्त हो जाएगी। हालाकि इस बात को ध्यान में रखते हुए कि इनमें से कुछ योजनाएं विशेष रूप से गरीबी उन्मूलन की योजनाओं जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं वाली योजनाओं के लिए केंद्र ने योगदान देते रहने का फैसला किया है। इसके अलावा कानूनी बाध्यताओं वाली अनिवार्य योजनाओं उपकर संग्रहण की योजनाओं के लिए पूर्णतया व्यवस्था की गई है।

2015-16 के अनुसार केंद्र ने ऐसी कुछ योजनाओं के लिए पूर्णतया सहायता देने का फैसला लिया है जो सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के लाभ के लिए होती है।

आम बजट 2015-16 में 31 योजनाएं पूर्ण रूप से केंद्र सरकार प्रायोजित हैं और आठ योजनाएं केद्रीय सहायता से मुक्त है। जबकि 24 योजनाओं को परिवर्तित हिस्सेदारी के साथ जारी रखा जाएगा।

पूर्ण रूप से केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाएं

⇒ महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीए)

⇒ अल्पसंख्यको के लिए बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी)

⇒ अस्वच्छ कार्यों से जुड़े बच्चों के लिए मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति योजना

⇒ छात्रवृत्ति योजनाएं (मैट्रिक से पहले और बाद) अ.जा. अ.ज.जा. और अन्य पिछड़ा वगों के लिए

⇒ नागरिक अधिकार अधिनियम 1955 के संरक्षणो के कार्यान्वयन और अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के लिए मशीनरी सहयोग

⇒ राष्ट्रीय नि:शक्तजन कार्यक्रम

⇒ अल्पसंख्यको को शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना

⇒ जनजातीय बच्चों की शिक्षा के लिए अम्ब्रेला स्कीम

⇒ इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना (आईजीएमएसवाई)

⇒ एकीकृत शिशु संरक्षण योजना (आईसीपीएस)

⇒ राजीव गांधी किशोरी सशक्तीकरण योजना (आरजीएसईएजी) - सबला

⇒ राष्ट्रीय पोषाहार मिशन (एनएनएम)

⇒ महिला सुरक्षा तथा विकास योजना

⇒ संविधान के अनुच्छेद 275(1) के प्रावधानों के अंतर्गत सहायता योजनाएं

⇒ जनजातीय उपयोजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता

⇒ सर्वशिक्षा अभियान (शिक्षा उपकर दवारा वित्त पोषित)

⇒ मध्यान्ह भोजन

⇒ पूर्वोत्तर पारेषद की योजनाएं

⇒ बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के लिए विशेष पैकेज

⇒ अन्नापूर्णा सहित राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम (एनएसएपी)

⇒ सिक्किम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए संसाधनो के केंद्रीय पूल के लिए अनुदान

⇒ संगठित कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना

⇒ अध्यापक प्रशिक्षण और प्रौढ़ शिक्षा सहित शैक्षिक विकास के लिए सहायता

⇒ सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम

⇒ सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस)

⇒ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के लिए उपकर आबंटन आधारित

⇒ केंद्रीय सड़क निधि पोषित सड़कें व पुल

⇒ बाघ परियोजना

⇒ हाथी परियोजना

⇒ बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता (ऋण भाग)

⇒ वाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता (अनुदान भाग)

परिवर्तित हिससेदारी के साथ जारी योजनाएं

  1. पशुधन विकास
  2. एकीकृत बागवानी विकास मिशन
  3. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
  4. राष्ट्रीय पशुधन मिशन
  5. राष्ट्रीय वाहनीय कृषि विकास मिशन
  6. डेयरी विकास अभियान
  7. पशु चिकित्सा सेवा और पशु स्वास्थ्य
  8. राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम
  9. स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण और शहरी)
  10. राष्ट्रीय वानिकी कार्यक्रम
  11. राष्ट्रीय जल-पारिस्थितिकी-प्रणाली योजना (एनपीसीए)
  12. राष्ट्रीय एड्स तथा एसटीडी कार्यक्रम
  13. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
  14. राष्ट्रीय शहरी पशुधन मिशन (एनयूएलएम)
  15. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए)
  16. राज्य उच्च शिक्षा के लिए कार्यनीतिक सहायता-राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (आरयूएसए)
  17. न्यायपालिका के लिए अवसंरचना विकास
  18. राष्ट्रीय भू-रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम
  19. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम)
  20. ग्रामीण आवास सबके लिए घर
  21. समेकित बाल विकास सेवा
  22. राजीव गांधी खेल अभियान (आरजीकेए) पूर्व में पंचायत युवा क्रीड़ा और खेल अभियान (पीवाईकेकेए)
  23. पीएमकेएसवाई (वाटरशेड और लघु सिंचाई कार्यक्रम सहित)
  24. एआईबीएफएमपी के मूल्यांकन अध्ययनों का प्रभाव

केंद्रीय सहायता से मुक्त योजनाएं

  1. राष्ट्रीय ई-शासन योजना
  2. पिछड़ा अनुदान कोष
  3. पुलिस बलो का आधुनिकीकरण
  4. राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान (आरजीपीएसए)
  5. निर्यात अवसंरचनाओं के विकास के लिए राज्यों को केंद्रीय सहायता की योजनाएं 6000 मॉडल स्कूलो को स्थापना के लिए योजना
  6. राष्ट्रीय खाद्य प्रसस्करण मिशन
  7. पर्यटन अवसंरचना

देशभर में फैले डाक नेटवर्क का उपयोग औपचारिक वित्तीय प्रणाली तक पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने आम बजट 2015-16 पेश करते हुए कहा कि सरकार औपचारिक वित्तीय प्रणाली तक लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संदभे में सरकार ने देश के गांव में फैले करीब 1,54,000 केंद्रो के साथ विशाल डाक नेटवर्क का उपयोग करने का प्रस्ताव रखा है। मंत्री महोदय ने आशा व्यक्त को डाक विभाग अपने प्रस्तावित बैंक भुगतान उद्यम को सफल बनाएगा ताकि यह प्रधानमंत्री जन धन योजना में और योगदान दे सकें।


वर्ष 2015-16 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 68968 करोड़ रुपए जबकि ग्रामीण विकास के लिए 79526 रुपए आवंटित

निर्भया कोष के लिए 1000 करोड़ रुपए और दिए गए

केद्रीय वित्त मंत्री ने कहा है की बजट 2015-16 मे गरीब और वंचितों की योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। संसद मे आज अपना बजट भाषण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2015-16 मे मध्यान्ह भोजन सहित शिक्षा क्षेत्र के लिए 68,968 करोड़ रुपए, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 33,152 करोड़ रुपए और मनरेगा सहित ग्रामीण विकास गतिविधियों के लिए 79,526 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। आवास और शहरी विकास के लिए 22,407 करोड़ रुपए महिला एवं बाल विकास के लिए 10,351 करोड़ रुपए और जल संसाधन तथा नमामि गंगे के लिए 4,173 करोड़ रुपए प्रदान किए गए।

वर्ष 2015-16 में महिला सुरक्षा और महिलाओं के प्रति जागरूकता के कार्यक्रमों के लिए निर्भया कोष मे 1,000 करोड़ रुपए और दिए गए।


बजट अनुमान

केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा है कि बजट 2015-16 में आयोजना व्यय के अनुमान के लिए 13,12,200 करोड़ अनुमानित है। आयोजना व्यय रुयए 465,270 करोड़ होना अनुमानित है, जो 2014-15 के लगभग करीब ही है। कुल व्यय 17,77,477 करोड़ अनुमानित है। रक्षा, आंतरिक सुरक्षा पर व्यय और अन्य आवश्यक व्ययो के लिए समुचित व्यवस्था की गई है।

वित्तीय वर्ष में सकल प्राप्तिया 14,49,490 करोड़ अनुमानित है। राज्यों को अंतरण के लिए 523,958 करोड़ अनुमानित है। अगले वित्त वर्ष के लिए कर भिन्न राजस्व 221,733 करोड़ अनुमानित है।


बुनियादी ढांचे में निवेश 70,000 करोड़ रुपये बढ़ा

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने केंद्र को निधियों एवं केद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के संसाधनो से वर्ष 2014-15 की तुलना में वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान ढांचागत क्षेत्र के निवेश में 70,000 करोड़ रुपये को वृद्धि करने का प्रस्ताव रखा है।

लोकसभा में आम बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ढांचागत क्षेत्र की वर्तमान स्थिति विकास की महत्वाकांक्षाओं से मेल नहीं खाती। इसलिए उन्होंने सड़कों और रेलवे पर परिव्यय और सकल बजटीय सहायता दोनो में क्रमश: 14031 करोड़ रुपये और 10,050 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी को है। सार्वजानिक क्षेत्र इकाइयों के पूंजीगत खर्च के 3,17,889 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है जो 2014-15 के संशोधित आकलन से 80,844 करोड़ रुपये अधिक है।


5 नई अल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजनाएं स्थापित होंगी

कुडानकुलम नाभिकीय बिजली स्टेशन की दूसरी इकाई 2015-16 में शुरू होगी

सरकार ने 4,000 मेगावाट वाली पांच नई अल्ट्रा मेगा पावर परियोजनाओं को पहले मंजूरी, फिर ठेका (प्लग एंड प्रले मोड) प्रणाली पर स्थापना करने का प्रस्ताव रखा है। लोकसभा में आम बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा कि एक पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिए परियोजना सुपुर्द किए जाने से पहले सभी आवश्यक मंजूरी एवं लिंकेज प्रदान कर दिए जाएंगे। इससे एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता प्रशस्त होगा। श्री जेटली ने कहा कि सरकार सड़क, बदरगाहों, रेल लाईन, हवाई अड्डों आदि जैसी अन्य ढांचागत परियोजनाओं में भी ऐसी ही ‘पहले मंजूरी, फिर ठेका प्रणाली पर विचार करेगी। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि कुडानकुलम नाभिकीय बिजली स्टेशन को दूसरी इकाई 2015-16 में शुरू होगी।


कारपोरेट टैक्स में कमी होगी और जीएसटी को लागू किया जाएगा

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा है कि कारपोरेट टैक्स दर के अगले 4 वर्षों के दौरान वर्तमान 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रावधान है। आज यहां लोकसभा में अपने बजट भाषण में श्री जेटली ने कहा कि इससे निवेश के उच्च स्तर, उच्चतर विकास और अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। बहरहाल, उन्होंने कहा कि यह कमी विवेकपूर्ण कदमों तथा विभिन्न प्रकार की छूटों एवं प्रोत्साहनो, जिससे भारी संख्या में कर विवाद पैदा हो रहे हैं, को दूर करने के साथ की जाएगी। उन्होने बताया कि आज कारपोरेट टैक्स का प्रभावी संग्रह लगभग 23 प्रतिशत है।

वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने कर दरों में कमी की प्रक्रिया तुरंत शुरू नहीं की क्योंकि वह अग्रिम सूचना देना चाहते थे जिससे कि ये परिवर्तन अगले वित्त वर्ष से शुरू हो सके। श्री अरूण जेटली ने यह भी कहा कि उनको सरकार अगले वर्ष से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए विभिन्न मोर्चों पर कदम आगे बढ़ा रही है। उनकी सरकार ने जीएसटी पर संसद के पिछले सत्र में एक विधेयक प्रस्तुत किया था। जीएसटी के हमारी अर्थव्यवस्था के काम-काज में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाने की उम्मीद है।


सार्वजनिक ऋण प्रबंधन एजेंसी (पीडीएमए) गठित होगी

भारत को बाहरी उधारों एवं घरेलू ऋण दोनो को एक छत के नीचे लाने के लिए एक सार्वजानिक ऋण प्रबधन एजेंसी (पीडीएमए) गठित होगी। लोकसभा में आम बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए केंद्रीय वित्त श्री अरूण जेटली ने कहा कि भारतीय बांड बाजार में गहराई लाना भारत में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है। भारतीय बांड बाजार को भारत के विश्व स्तरीय इक्विटी बाजार के स्तर पर लाने की प्रक्रिया को शुरुआत पीडीएमए के गठन के साथ होगी।


स्वरोजगार और प्रतिभा का उपयोग (सेतु) की स्थापना होगी

सरकार ने एक स्वरोजगार और प्रतिभा का उपयोग (सेतु) तंत्र को स्थापना की घोषणा की है। आज यहां लोकसभा में बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए केद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि सेतु एक औद्योगिकीय-वित्तीय उद्भवन होगा और अन्य स्व-रोजगार के क्रियाकलापों, विशेषकर प्रद्योगिकी प्रेरित क्षेत्रों में व्यवसाय चलाने के सभी पहलुओं की सहायता करने हेतु सहायता कार्यक्रम होगा। इस प्रयोजन के लिए, नीति आयोग में आरंभिक रूप में 1000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।


सरकार की एक्ट ईस्ट नीति

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने आज कंबोडिया, म्यांमार, लाओस, और वियतनाम नामक सीएमएलवी देशो में विनिर्माण केंद्रो के गठन की घोषणा की। लोकसभा में आम बजट 2015-16 को प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत सरकार को एक्ट ईस्ट नीति दक्षिण-पूर्वी एशिया में सघन आर्थिक और कार्यनीतिक संबधों को बढ़ाने की दिशा में किया गया प्रयास है। इस क्षेत्र में भारतीय निजी सेक्टर से निवेश को उत्प्रेरित करने के लिए, परियोजना विकास कंपनी सीएमएलवी देशो में पृथक विशेष प्रयोजन साधनो के माध्यम से, विनिर्माण केंद्रो की स्थापना करेगी।


विदेशी निवेश जुटाने के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के विदेशी निवेशों और विदेशी प्रत्यक्ष निवेशों के बीच के विभेद को दूर किया जाएगा

केद्रीय वित्तमंत्री श्री अरूण जेटली ने विदेशी निवेश जुटाने के लिए, भारतीय कम्पनियों हेतु प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने हेतु, विभिन्न प्रकार के विदेशी निवेशों, खासकर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशों और विदेशी प्रत्यक्ष निवेशों के बीच के विभेद को दूर करने और उनके स्थान पर समिश्र उच्चतम सीमाएं लाए जाने की मांग की है। जो क्षेत्र पहले से ही 100 प्रतिशत स्वचालित मांग के अंतर्गत आते हैं, प्रभावित नहीं होगे।


सोने का मुद्रीकरण

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने सोने के मुद्रीकरण के लिए कई कदमो की घोषणा की है। लोकसभा में आम बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत विश्व में सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है तथा प्रतिवर्ष 800-1000 टन स्वर्ण का आयात करता है। उन्होने कहा कि मैं प्रस्ताव करता हूं कि स्वर्ण मुद्रीकरण स्कीम जारी की जाएगी जो वर्तमान स्वर्ण जमा और स्वर्ण धातु ऋण दोनो का स्थान लेगी। इसके अतिरिक्त, वैकल्पक वित्तीय आस्ति, सरकारी स्वर्ण बांड का स्वर्ण धातु को खरीद के विकल्प के रूप में भी विकास करना होगा। इसके अलावा भारतीय स्वर्ण सिक्का बनाने का काम शुरू किया जाएगा जिसके पटल पर अशोक चक्र बना होगा।


अटल नवाचार मिशन की स्थापना

केद्रीय वित्तमंत्री श्री अरुण जटली ने नीति आयोग के अंतर्गत अटल नवाचार मिशन – ए.आई.एम. की स्थापना करने की मंशा व्यक्त की है। लोकसभा में आम बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि ए.आई.एम. एक नवाचार संवर्द्धन मंच होगा, जिसमें शिक्षाविदों, उद्यमियों और शोधकर्ताओं को शामिल किया जाएगा और भारत में नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा वैज्ञानिक शोध की संस्कृति को प्रोत्साहन देने के लिए राष्ट्रीय् एवं अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का लाभ उठाया जाएगा। श्री जेटली ने कहा कि यह मंच भारत के लिए विश्वस्तरीय नवाचार केंद्र के नेटवर्क को भी प्रोत्साहन देगा। प्रारंभ में इस उद्देश्य के लिए एक सौ पचास करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की जाएगी।


राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष की स्थापना

केंद्रीय वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली ने राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एन.आई.आई.एफ.) की स्थापना की घोषणा की है। लोकसभा में आम बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि एन.आई.आई.एफ. के लिए बीस हजार करोड़ रुपये की राशि का वार्षिक प्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा। इससे ट्रस्ट कर्ज उठाने और उसे आई.आर.एफ.सी. और एन.एच.बी. जैसी बुनियादी ढांचे से सम्बंधित वित्तीय कम्पनियों में इक्विटी के रूप में निवेश करने में सक्षम होगा।


परंपरागत कृषि विकास योजना को पूरी तरह सहायता दी जाएगी प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना के तहत ‘प्रति बूंद अधिक फसल” की व्यवस्था

केद्रीय वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए कहा - हमारे किसानो के लिए हमारी प्रतिबद्धता बहुत गहरी है। हमने कृषि उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण दो प्रमुख कारको- मिट्टी और पानी, के समाधान के लिए पहले ही प्रमुख उपाय किए हैं। मिट्टी को उर्वरता में सुधार के लिए केद्रीय मंत्री ने कृषि मंत्रालय को जैविक खेती योजना – परंपरागत कृषि विकास योजना के वित्त पोषण और उसे सहायता देने का प्रस्ताव किया।

श्री जेटली ने कहा के प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना का लक्ष्य हर एक किसान के खेत को सींचना और प्रति बूंद अधिक फसल की व्यवस्था करने के लिए पानी का प्रभावी इस्तेमाल करना है। बजट में सूक्ष्म सिंचाई, जल संभरण विकास और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 5,300 करोड़ रुपये की राशि के आवंटन का प्रावधान किया है। श्री जेटली ने राज्यों से इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में भरपूर योगदान देने का अनुरोध किया है।


छोटे और सीमांत किसानों पर विशेष ध्यान देते हुए प्रभावी और निर्बाध कृषि ऋण 8.5 करोड़ रुपये के कृषि ऋण का लक्ष्य

केद्रीय वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में केंद्रीय बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए छोटे और सीमांत किसानो पर विशेष ध्यान देते हुए प्रभावी और निर्बाध कृषि ऋण की सहायता से कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने की बात कही। श्री जेटली ने वर्ष 2015-16 में नाबार्ड में स्थापित ग्रामीण और संरचना विकास कोष की निधियों में 25000 करोड़ रुपये, दीर्घकालिक ग्रामीण ऋण कोष में 15000 करोड़ रुपये, अल्पावधिक सहकारी ग्रामीण ऋण पुनर्वित्त निधि हेतु 45000 करोड़ रुपये और अल्पावधिक आर आर बी पुनर्वित्त निधि के लिए 15000 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया।

श्री जेटली ने कहा- कृषि ऋण हमारे मेहनतकश किसानो के प्रयासो को सहारा देते हैं, इसांलेए वर्ष 2015-16 के दौरान 8.5 करोड़ रुपये के ऋण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि उन्हे पूरा विश्वास है कि बैंक यह लक्ष्य प्राप्त कर लेणे।


मनरेगा के लिए 34,699 करोड़ रुपये का आरंभिक आवंटन

केंद्रीय वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में केद्रीय बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार मनरेगा के जरिए रोजगार में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी गरीब रोजगार के बगैर न रह जाए। वित्तमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए 34,699 करोड़ रुपये का आरंभिक आवंटन किया गया है। उन्होने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार लाने पर ध्यान दिया जाएगा।


छोटे उद्यमियों के लिए सूक्ष्म यूनिटविकास पुनर्वित एजेंसी (मुद्रा) का सृजन ऋण देने में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को प्राथमिकता

केंद्रीय वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में केंद्रीय बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए कहा, - हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि विकास से समावेशी विकास होगा। जहां एक ओर बड़े कारपोरेट और कारोबारी कम्पनियों को इसमें भूमिका निभानी है, वही दूसरी ओर इसे अधिकतम रोजगार सृजन में लगे अनौपचारिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा सपूरित करना होगा। उन्होंने कहा कि लगभग 5.77 करोड़ छोटे व्यवसाय वाली इकाइयां हैं, इनमें से अधिकतर वैयक्तिक स्वामित्व की है, जो छोटे विनिर्माण, व्यापार अथवा सेवा व्यवसाय चलाती हैं और इनमें 62 प्रतिशत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग के व्यक्तियों के स्वामित्व में है।

श्री जेटली ने कहा कि ये मेहनतकश उद्यमी पिरामिड के सबसे निचले पायदान पर है और उनके लिए ऋण की औपचारिक प्रणालियों तक पहुंच बनाना असंभव नहीं लेकिन मुश्किल अवश्य है। उन्होंने 20,000 करोड़ रुपये की निधि और 3000 करोड़ रुपये की गांरटी निधि से सूक्ष्म यूनेट विकास पुनर्वित्त एजेंसी (मुद्रा) के सृजन का प्रस्ताव किया। मुद्रा बैंक सूक्ष्म वित्त संस्थाओं को प्रधानमन्त्री मुद्रा योजना के जारेए वित्त पोषित करेगा। अनुसूचित ऋण देते समय जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी।


सभी भारतीयों विशेषकर गरीबों व वंचितों के लिए कार्यशील सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की शुरुआत जल्द

अटल पेंशन योजना का शुभारंभ किया जाएगा

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की घोषणा

कमजोर वर्गों, वृद्धावस्था पेंशनरों, बीपीएल कार्डधारकों और छोटे व सीमांत किसानों और अन्य को प्रीमियम पर सब्सिडी देने की योजना

अल्पसंख्यकों के लिए एकीकृत शिक्षा एवं आजीविका योजना - नई मंजिल, की शरुआत की जाएगी

केंद्रीय वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में केंद्रीय बजट 2015-16 प्रस्तुत करते हुए कहा, भारत की आबादी का एक बड़ा भाग स्वास्थ्य, दुर्घटना अथवा जीवन जैसे किसी भी तरह के बगैर ही है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना से उत्साहित होकर वे सभी भारतीयो विशेषकर गरीबों व वंचितों के लिए कार्यशील सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क सृजित करने का प्रस्ताव करते हैं।

श्री जेटली ने कहा कि प्रधानमन्त्री सुरक्षा बीमा योजना की शुरुआत जल्द की जाएगी, जो मात्र 12 रुपये प्रतिवर्ष के प्रीमियम पर दो लाख रुपये के दुर्घटना मृत्यु जोखिम को कवर करेगी। उन्होने कहा कि इसी तरह अटल पेंशन योजना का शुभारंभ किया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की घोषणा करना चाहते हैं। इसमें दो लाख रुपये सहज मृत्यु और दुर्घटना मृत्यु जोखिम को कवर करेगी। 18 से 50 आयु वर्ग के लिए इसका प्रीमेंियम 330 रुपये प्रांतेवर्ष अथवा प्रतिदिन एक रुपये से कम होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि पीपीएफ में लगभग 3000 करोड़ रुपये और ईपीएफ निधि में लगभग 6000 करोड़ रुपये की बिना दावे वाली राशियां पड़ी है। वित्त मंत्री ने इन राशियो के विनियोजन के लिए वित्त विधेयक में अदावाकृत निक्षेप अधिनियम के अधिनियमन का प्रस्ताव किया है। इसका उपयोग इनके प्रीमियमों को सब्सिडी देने पर किया जाएगा। कमजोर वगों, वृद्धावस्था पेंशनरो, बीपीएल कार्डधारको और छोटे व सीमांत किसानो और अन्य को प्रीमियम पर सब्सिडी देने के लिए प्रावधान किया जाएगा।

देश में वरिष्ठ नागरिकों को विशेष सम्मान दिए जाने की जरूरत है, जिनकी संख्या लगभग 10.5 करोड़ है। इनमें से एक करोड़ से ज्यादा 80 वर्ष से ऊपर वाले हैं। इनमें से 70 प्रतिशत ग्रामीण इलाको में रहते हैं। इनका काफी बड़ा प्रतिशत वृद्धावस्था से जुड़ी विकलागताओं से भी पीड़ित है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए शारीरिक सहायता यंत्र और सहायता जीवन साधन उपलब्ध कराने की नई योजना शुरू की जाएगी।

अल्पसंख्यको के लिए एकीकृत शिक्षा एवं आजीविका योजना नई मंजिल की शरुआत की जाएगी।


वित्त वर्ष 2015-16 में व्यक्तिगत आयकर और कंपनियों के आयकर की दर में कोई परिवर्तन नहीं

एक करोड़ से अधिक की आय वाले व्यक्तियों, एचयूएफ, एओपी, बीओई, फर्मों, कॉओपरेटिव सोसाइटियों और स्थानीय प्राधिकरणों पर 12 प्रतिशत की दर से अधिभार

केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में वर्ष 2015-16 का आम बजट पेश करते हुए व्यक्तिगत आयकर की दर में कोई बदलाव न किए जाने का प्रस्ताव किया है। अपनी बजटीय घोषणा में उन्होने कहा कि वित्त वर्ष 2015-16 में अर्जित आय के सन्दर्भ में कम्पनियों के कर में भी किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा और यह वर्ष 2016-17 के लिए भी लागू होगी।

हालांकि वित्त मंत्री ने एक करोड़ से अधिक की आय वाले व्यक्तियो, एचयूएफ, एओपी, बीओई, फर्मों, कॉओपरेटिव सोसाइटियों और स्थानीय प्राधिकरणो पर 12 प्रतिशत की दर से अधिभार लगाने का प्रस्ताव किया है। एक करोड़ से लेकर 10 करोड़ तक की आय वाली घरेलू कंपनियो के मामले में 7 प्रतिशत और 10 करोड़ से ज्यादा को आय वाली घरेलू कम्पनियों पर 12 प्रतिशत की दर से अधिभार लगाया गया है।

श्री अरुण जेटली ने आगे प्रस्ताव करते हुए कहा कि एक करोड़ से 10 करोड़ तक की आय वाली विदेशी कंपनी के मामले में अधिभार दो प्रतिशत की दर से यथावथ रहेगा और 10 करोड़ से ज्यादा आय वाली विदेशी कम्पिनियों पर पांच प्रतिशत की दर से अधिभार जारी रहेगा।

सार्वभौमिक गुणवत्ता आधारित शिक्षा प्रदान और वित्त पोषित करने की सरकार को वचनबद्धता को पूर्ण करने के लिए सभी करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2015-16 में आयकर पर 2 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त प्रभार लगाने का प्रस्ताव किया गया है।

बजट संभाषण में सरकार की प्राथमिकताओं में प्राकृतिक संसाधनों का प्रभावी और अधिकतम आवंटन और वित्तीय समावेषण शामिल

केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में दिए गए अपने बजट संभाषण में सरकार की निम्नलिखित प्राथमिकताओं का उल्लेख कियाः

⇒ लोगो के विकास के लिए नेिलामी के माध्यम से कोयला और खांनेज जैसे प्राकृतिक ससाधनों का प्रभावी और अधिकतम आवंटन।

⇒ वित्तीय समायोजन

⇒ सभी के स्वास्थ्य और स्वच्छता

⇒ बालिका और देखभाल और उनकी शिक्षा

⇒ युवाओं के लिए रोजगार सृजन

⇒ बाधा मुक्त व्यापारिक वातावरण गरीबों के लिए लाभों को प्राप्त को और उपयुक्त बनाया जाएगा।

⇒ रोजगारों के सृजन के लिए आकर्षक निवेश

⇒ रोजगार बाजार का विस्तार और श्रमिकों के कल्याण को सुनिश्चित करना

⇒ किसानो के लिए अधिक आय के सृजन हेतु कृषि उत्पादकता में सुधार

⇒ नवीन और नवीकरण उर्जा स्रोतों सहित सभी संसाधनों का उपयोग करते हुए देश को उर्जा युक्त बनाना

⇒ धरा से अंतरिक्ष तक प्रौद्योगिकी को अपनाना

⇒ कौशल भारत कार्यक्रम

⇒ सरकार में कुशल और बेहतर कार्य वातावरण

⇒ व्यापार के सरलीकरण के लिए रेड टेप से रेड कारपेट तक की नीति

⇒ देश के पूर्वोत्तर क्षेत्रो को मुख्य धारा में शामिल करना

⇒ राष्ट्र के सम्मान और इसकी संस्कृति को प्रोत्साहन देना


सेवा कर दर में परिवर्तन

वर्ष 2015-16 बजट के अनुसार सेवा कर दर को 12 प्रतिशत धन शिक्षा उपकर से बढाकर 14 प्रतिशत करने का प्रावधान किया है। इसके तहत शिक्षा कर और माध्यमिक एवं उच्चतम शिक्षा उपकर को सेवा कर को पुनरीक्षित दर में सम्मिलित किया जाएगा। इससे सेवा कर दर में प्रभावी वृद्धि 12.36% को विद्यमान दर (उपकरों को सम्मिलित करके) से बढ़कर 14 प्रतिशत हो जाएगी।

नई सेवा कर दर वित्त विधेयक, 2015 के अधिनियमन के पश्चात केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित की जाने वाली तिथि से प्रभावी होगा। पुनिरीक्षित दर के प्रभावी होने के समय तक शिक्षा कर और माध्यमिक एवं उच्चतम शिक्षा उपकर का सेवाकर में उद्ग्रहण होता रहेगा।

केन्द्र सरकार को सशक्त बनाने के लिए सभी अथवा कुछ निश्चित कर योग्य सेवाओं पर स्वच्छ भारत उपकर लगाने का प्रावधान

बजट 2015-16 के अनुसार केद्र सरकार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सभी अथवा कुछ निश्चित कर योग्य सेवाओं के मूल्य पर 2% की दर से स्वच्छ भारत उपकर लगाने का प्रावधान किया गया है। इस उपकर से प्राप्त धनराशि का उपयोग स्वच्छ भारत पहलों के लिए किया जाएगा। यह उपकर एक अधिसूचित की जाने वाली तिथि से प्रभावित होगा।

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