ध्वनि से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य Sound-Related Important Facts

  • ध्वनि की तरंगे अनुदैर्ध्य होती हैं।
  • ध्वनि तरंगे ध्रुवित नहीं हो सकती हैं।
  • डेसीबल ध्वनि की तीव्रता को मापने का यंत्र है।
  • पानी के अन्दर ध्वनि की तीव्रता हाइड्रोजन से ज्ञात की जाती है।
  • घण्टे धातुओं के बनाए जाते हैं क्योंकि धातुओं में प्रत्यास्थता का गुण होता है।
  • ताप बढ़ने से ध्वनि वेग बढ़ जाता है।
  • वायु की आर्द्रता बढ़ने से उसमें ध्वनि वेग बढ़ जाता है।
  • किसी गैस में ध्वनि की चाल, उसके परम ताप के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती होती है।
  • ध्वनि तरंगों में व्यतिकरण होता है।
  • ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच सापेक्ष गति होने पर श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति ध्वनि की वास्तविक आवृत्ति से भिन्न होती है, इसे डॉप्लर का प्रभाव कहते हैं।
  • डॉप्लर प्रभाव ध्वनि के आवृत्ति परिवर्तन से संबंधित है। उसकी तीव्रता से नहीं।
  • डॉप्लर प्रभाव प्रकाश तरंगों के लिए भी लागू होता है।
  • प्रतिध्वनि ध्वनि के परावर्तन से उत्पन्न होती है।
  • पराध्वनिक यानों के इंजनों द्वारा उत्पन्न ध्वनि की आवृत्ति श्रत्य क्षेत्र के परे होती है।
  • सितार तथा वीणा से उत्पन्न एक ही सुर गुणता में भिन्न होता है।
  • निर्वात् में ध्वनि तरंगें नहीं चल सकती।
  • ध्वनि की पिच उसकी आवृत्ति होती है।
  • सोनार ध्वनि तरंगों के परावर्तन पर कार्य करता है।
  • ध्वनि की चाल वायु द्रव की अपेक्षा ठोस में अधिक होती है।
  • ध्वनि की श्रव्य आवृत्ति 20 से 20,000 हर्ट्ज़ होती है।
  • सर्वप्रथम पराश्रत्य तरंगें गाल्टन द्वारा एक सीटी से उत्पन्न की गई थीं।
  • माइक्रोफोन में ध्वनि ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
  • दूर बज रहे साइरन से घड़ी मिलाने पर वह सुस्त होगी।

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