जनसंख्या घनत्व Population Density

जनसंख्या घनत्व को प्रतिवर्ग किमी. क्षेत्र में व्यक्तियों की संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है। यह एक अशोधित मापन है जिसे अंकगणितीय घनत्व के तौर पर संदर्भित किया जाता है। यह अशोधित इसलिए है क्योंकि जनसंख्या घनत्व की गणना करने में देश के पूरे क्षेत्र को शामिल किया जाता है। हालांकि, वह जनसंख्या जो कुछ खास क्षेत्रों में रहती है जो  उत्पादनशील होती है, प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होती है, और मनुष्य की पहुंच में होती है। पहाड़ी एवं ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र, वनीय क्षेत्र और जल से आच्छादित क्षेत्र जो मानव आवास के लिए उचित नहीं हैं। अंकगणितीय घनत्व की सीमाओं के कारण घनत्वों को कभी-कभी ग्रामीण या कृषि जनसंख्या के लिए भी आकलित किया जाता है। घनत्व की गणना में, कृषि योग्य क्षेत्र को शामिल किया जाता है। फसलीय क्षेत्र की जनसंख्या का अनुपात फ्रांस में, मनोवैज्ञानिक घनत्व के तौर पर विवेचित किया जाता है।

जनगणना: कुछ विशेष तथ्य

3000 बीसी पूर्व बेबीलोन, चीन और मिस्र के हिस्सों में जनगणना आयोजित करने के संकेत मिलते हैं।

जनगणना के महत्व का बाइबल और चाणक्य द्वारा लिखित अर्यशास्त्र में भी उल्लेख किया गया है। अबुल फजल द्वारा लिखित आइने-अकबरी में मुगल काल में आयोजित की गई जनगणना का संदर्भ दिया गया है।

जनगणना की आधुनिक व्यवस्था 18वीं शताब्दी में प्रारंभ हुई। ऐसी पहली जनगणना स्वीडन में 1749 में आयोजित की गई थी। दशकीय जनगणना अमेरिका में 1790 में और इंग्लैंड में 1801 में शुरू की गई।

भारत उन चंद देशों में है जिसने 100 वर्षों से अधिक के समय में दशकीय जनगणना की एक अटूट श्रृंखला आयोजित की। देश के अलग-अलग भागों में वैज्ञानिक रूप से पहली आधुनिक जनगणना 1865 से 1872 के मध्य आक्रमबद्ध रूप से संपन्न की गयी। भारत में पहली निरंतर जनगणना 1881 में शुरू की गई और उसके बाद प्रत्येक दस वर्ष पश्चात् बिना अवरोध के जनगणना आयोजित की गयी।

अब जनगणना, जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत आयोजित की जाती है। यह संघ सूची का विषय है (अनुच्छेद 246) और संविधान की सातवीं अनुसूची में सूचीबद्ध किया गया है।

जनगणना 2011 का आयोजन विश्व में सबसे बड़ी जनगणना थी।

भारत में जनसंख्या का जनघनत्व : 1901-2011 Density of Population, India:1901-2011
जनगणना वर्ष
Census Year
घनत्व (प्रति वर्ग किमी.)
Density (Per. Sq. Km.)
पूर्ण वृद्धि
Absolute Increase
प्रतिशत वृद्धि
% Increase
190177--
19118256.5
192181-1-1.2
193190911.1
19411031314.4
19511171413.6
19611422521.4
19711773524.6
19812163922
19912675123.6
20013255821.7
20113825717.5

यहां विचार किए गए देश की जनसंख्या घनत्व का विश्लेषण अंकगणितीय घनत्व पर आधारित है जिसे प्रति वर्ग किमी. में व्यक्तियों की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है।

जनसंख्या घनत्व पर्यावरण पर और अंतिम रूप से लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर प्रभाव डालता है। जनसंख्या के बढ़ते दबाव ने लोगों के जीने के तरीके और उनके शासित होने के तरीके को पहले ही प्रभावित किया है।

जनघनत्व के अनुसार राज्यों का स्थान : 2001-2011
Ranking Of States and union Territories by Density : 2001-2011
2011 में स्थानभारत / राज्य / केंद्र शासित प्रदेशघनत्व (प्रति वर्ग किमी.)2001 में स्थान
20112001
भारत382325
1राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली11,2979,3401
2चंडीगड़9,2527,9002
3पुडुचेरी2,5982,0343
4दमन और दीव2,1691,4135
5लक्षद्वीप2,0131,8954
6बिहार1,1028817
7पश्चिम बंगाल1,0299036
8केरल8598198
9उत्तर प्रदेश8286909
10दादर और नगर हवेली69844913
11हरियाणा57347812
12तमिलनाडु55548011
13पंजाब55048410
14झारखंड41433816
15असम39734015
16गोवा39436414
17महाराष्ट्र36531517
18त्रिपुरा35030518
19कर्नाटक31927620
20आंध्र प्रदेश30827719
21गुजरात30825821
22उड़ीसा26923622
23मध्य प्रदेश23619623
24राजस्थान20116524
25उत्तराखंड18915925
26छत्तीसगद18915426
27मेघालय13210329
28जम्मू और कश्मीर12410031
29हिमाचल प्रदेश13210928
30मणिपुर12210330
31नागालैंड11912027
32सिक्किम867632
33मिज़ोरम524234
34अंडमान और निकोबार द्वीप समूह464333
35अरुणाचल प्रदेश171335

2011 की जनगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च, 2011 को देश में जनसंख्या घनत्व (प्रति एक वर्ग किमी. क्षेत्र में रहने वाले लोगों की संख्या) 382 थी। इससे पूर्व अनंतिम आंकड़ों में भी 2011 में घनत्व 382 ही आकलित किया गया था। 2001 में देश में जनसंख्या घनत्व 325 था (इस प्रकार जनसंख्या घनत्व में 2001 की जनगणना के मुकाबले 2011 की जनगणना में 57 अंकों का इजाफा हुआ है)। सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में, 2001 और 2011 दोनों ही जनगणनाओं में, दिल्ली बेहद अधिक घनत्व (11,320) वाला संघ प्रदेश है और चंडीगढ़ दूसरे स्थान (9,258) पर आता है। 1102 जनसंख्या घनत्व के साथ राज्यों में बिहार प्रथम स्थान पर है, तथा पश्चिम बंगाल को पीछे छोड़ दिया है, जो जनगणना वर्ष 2001 में प्रथम स्थान पर था। अरुणाचल प्रदेश दोनों ही जनगणनाओं (2001 और 2011) में न्यूनतम जनसंख्या घनत्व (17) वाला राज्य बना हुआ है। 2001 में भी इन तीनों राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों की यही स्थिति थी।

हालांकि असीम वृद्धि एक चिंता का विषय है, सकारात्मक तथ्य है कि वृद्धि दर में कमी आई है और विगत् दशक में इसने तीव्र कमी का प्रदर्शन किया। जनसंख्या घनत्व में उच्च वृद्धि एक बेहद चिंता का विषय है, जैसाकि यह हमारे प्राकृतिक संसाधनों और मौजूद अवसंरचनात्मक सुविधाओं पर बेहद दबाव डालता है और जीवन की गुणवत्ता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है।

क्षेत्रवार जलवायु, भू-भौतिक दशाओं, संसाधनों की उपलब्धता इत्यादि में अंतर के कारण राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के बीच घनत्व में अत्यधिक परिवर्तन होता है।

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