नॉर्डिक परिषद Nordic Council

नॉर्डिक परिषद स्कॅडनेवियाई देशों के मध्य परामर्श एवं सहयोग को प्रोत्साहन देती है।

मुख्यालय: कोपेनहेगेन (डेनमार्क)।

सदस्यता: डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन।

सहयोगी सदस्य: ग्रीनलैंड, फैरो द्वीप, और अलांद द्वीप।

पर्यवेक्षक राष्ट्र: एस्टोनिया, लाटविया एवं लिथुआनिया।

आधिकारिक भाषाएं: डेनिश, नॉर्वेजियन तथा स्वीडिश।

उद्भव एवं विकास

डेनमार्क, नॉर्वे, आइसलैंड और स्वीडन ने नॉर्डिक देशों की संसदों और सरकारों के मध्य संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से 16 मार्च, 1992 को कोपेनहेगेन (डेनमाक) में नॉर्डिक परिषद का गठन किया। फिनलैंड ने 1955 में इस परिषद की सदस्यता ग्रहण की। आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, विधायी तथा संचार के क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों को मजबूती प्रदान करने के लिये मार्च 1962 में एक सहयोग संधि पर हस्ताक्षर किए गए।

उद्देश्य

नॉर्डिक परिषद का मुख्य उद्देश्य सामूहिक हित के विषयों पर सदस्य देशों के विधायकों और सरकारों के मध्य परामर्श के लिये एक मंच प्रदान करना है। परिषद आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, विधिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर विशेष रूप से सहयोग स्थापित करने का प्रयास करती है।

संरचना

नॉर्डिक परिषद की संगठनात्मक संरचना में परिपूर्ण सभा (PlenaryAssembly), प्रधान परिषद (Presidium), स्थायी समितियां और सचिवालय सम्मिलित हैं।

परिपूर्ण सभा सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय है। इसमें 87 सदस्य होते हैं, जो राष्ट्रीय या क्षेत्रीय संसदों द्वारा चुने जाते हैं। सभा की वर्ष में एक बार बैठक होती है। प्रधान परिषद एक अध्यक्ष और 10 उपाध्यक्षों (प्रत्येक सदस्य देश के दो) की बनी होती है। अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति परिपूर्ण सभा द्वारा की जाती है। प्रधान परिषद का कार्य सभा के सत्रों की अध्यक्षता तथा परिषद के कार्यों का पर्यवेक्षण करना है। सचिवालय, जिसका प्रधान अधिकारी महासचिव होता है, परिषद के दैनिक प्रशासन हेतु उत्तरदायी होता है। नॉर्डिक परिषद के अधीन पांच समितियां- आर्थिक, विधिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय तथा सामाजिक, गठित की गई हैं। ये समितियां संबंधित क्षेत्रों के बारे में सभा के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करती हैं।

गतिविधियां

नॉर्डिक परिषद ने शिक्षा, विज्ञान, परिवहन और संचार, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्रों में अनेक संयुक्त कार्यक्रम क्रियान्वित किए हैं। सामाजिक सुरक्षा अभिसमय, 1955 ने सामाजिक और स्वास्थ्य नीति में सहयोग को औपचारिक रूप प्रदान किया। इसके उपरांत एक नये सामाजिक सुरक्षा अभिसमय पर हस्ताक्षर किए गए। परिवहन एवं संचार में कुशलता लाने के लिये 1973 में नॉर्डिक परिवहन समझौता लागू किया गया। निवेश एवं निर्यात को वित्तीय सहायता एवं गारंटी प्रदान करने के लिये नॉर्डिक निवेश बैंक ने 1976 में कार्य करना प्रारम्भ कर दिया। तीसरी दुनिया के देशों के सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने वाली परियाजनाओं को ऋण प्रदान करने के लिये नॉर्डिक विकास कोष का गठन किया गया। परिषद ने ईसी और एफ्टा जैसे यूरोपीय संगठनों के साथ सहयोग स्थापित किया है तथा यह ईईए में भाग लेती है। विदेश नीति और सुरक्षा नॉर्डिक परिषद के नये महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सम्मिलित हैं। नार्डिक परिषद के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि 1997 में इसने सुरक्षा विषयों से जुड़े अनेक प्रस्ताव पारित किए।

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