16वीं लोक सभा के सदस्यों से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य Important facts of Members of the 16th Lok Sabha

सोलहवीं लोक सभा का गठन करने हेतु आम चुनाव 7 अप्रैल 2014 से शुरू होकर 12 मई 2014 तक नौ चरणों में हुए थे। परिणाम 16 मई 2014 को घोषित हुए थे। 18 मई 2014 को सोलहवीं लोक सभा का विधिवत् गठन किया गया था।

लोक सभा के लिए निर्वाचित 543 सदस्यों के जीवनवृत्त का कुछ मानदंडों जैसे, आयु, शैक्षिक योग्यता, व्यवसाय और विधायी अनुभवों के संदर्भ में अध्ययन करने का प्रयास किया गया है। इस अध्ययन में उपर्युक्त मानदंडों के आधार पर महिला सदस्यों के जीवनवृत्त पर एक पृथक खंड भी शामिल किया गया है। यह विश्लेषण सभा के गठन की तारीख को 543 सदस्यों के जीवनवृत्त पर आधारित है। तथापि, आंकड़ों का राज्यवार विश्लेषण, जहां भी लागू हो, 2 जून 2014 को तेलंगाना राज्य के अस्तित्व में आने को दर्शाता है।

543 में दो सदस्य नामतः श्री नरेन्द्र मोदी और श्री मुलायम सिंह यादव शामिल हैं जो दो-दो निर्वाचन क्षेत्रों से जीते थे। जहाँ श्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी सिट रखी और वडोदरा सीट खाली कर दी, श्री मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ सीट रखी और मैनपुरी सीट खाली कर दी। श्री के. चन्द्रशेखर राव ने 29 मई 2014 को लोक सभा सीट से त्यागपत्र दे दिया और एक सदस्य श्री गोपीनाथ मुंडे का 3 जून 2014 को निधन हो गया।

16वीं लोक सभा के सदस्यों का आयु संबंधी विवरण

संविधान के प्रावधान के अंतर्गत लोक सभा का चुनाव लड़ने के लिए किसी व्यक्ति की आयु 25 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। जहां एक ओर, 25-30 वर्ष के निम्नतम आयु समूह में 12 सदस्य हैं वहीं दूसरी ओर, 81-85 और 86-90 वर्ष के अधिकतम आयु समूहों में केवल एक-एक सदस्य है। 56-60 वर्ष के आयु समूह में सबसे अधिक 92 सदस्य हैं। 197 सदस्य (36.28 प्रतिशत) 50 वर्ष से कम आयु के हैं और 346 सदस्य (63.72 प्रतिशत) 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं।

सदस्यों के आयु वर्गों का 5 वर्ष के अंतराल सहित विभाजन
25-30 वर्ष 12
31-35 वर्ष 21
36-40 वर्ष 36
41-45 वर्ष 58
46-50 वर्ष 70
51-55 वर्ष 87
56-60 वर्ष 92
61-65 वर्ष 83
66-70 वर्ष 43
71-75 वर्ष 28
76-80 वर्ष 11
81-86 वर्ष 01
86-90 वर्ष 01

सदस्यों की औसत आयु के सम्बन्ध में, 12वीं लोकसभा (1998-99) सब्स्र कम आयु वाले सदस्यों की सभा थी, जिसमे औसत आयु औसत आयु 46.4 वर्ष थी और 13वीं लोकसभा के सदस्यों की आयु सबसे अधिक थी जिसकी औसत आयु 55.5 वर्ष थी। वर्तमान सभा में 53.8 वर्ष की औसत आयु के साथ औसत आयु के सम्बन्ध में दूसरी सबसे अधिक आयु की सभा है। श्री लाल कृष्ण आडवाणी (86 वर्ष) 16वीं लोक सभा के सबसे अधिक आयु वाले निर्वाचित सदस्य हैं जबकि श्री दुष्यंत चौटाला (26 वर्ष) को सबसे कम आयु का सदस्य होने का सम्मान प्राप्त है। श्रीमती रक्षा निखिल खाडसे जो 27 वर्ष की हैं, सबसे कम आयु की सदस्य हैं और श्रीमती विजया चक्रवर्ती, 75 वर्ष, 16वीं लोक सभा कीसबसे अधिक आयु की महिला सदस्य हैं।

लोक सभा सदस्यों की औसत आयु : पहली से सोलहवीं लोक सभा
लोक सभा औसत आयु (वर्ष में)
पहली (1952-57) 46.5
दूसरी (1957-62) 46.7
तीसरी (1962-67) 49.4
चौथी (1967-70) 48.7
पांचवीं (1971-77) 49.2
छठी (1977-79) 5.2.1
सातवीं (1980-84) 49.9
आठवीं (1985-89) 51.4
नौवीं (1989-91) 51.3
दसवीं (1991-96) 51.4
ग्यारहवीं (1996-97) 52.8
बारहवीं (1998-99) 46.4
तेरहवीं (1999-2004) 55.5
चौदहवीं (2004-2009) 52.2
पन्द्रहवीं (2009-2014) 53.7
सोलहवीं (2014-अब तक) 53.8

सोलहवीं लोक सभा के लिए पहली बार निर्वाचित 315* सदस्यों के आयु विवरण का अध्ययन करने का प्रयास किया गया है। 56-60 वर्ष के आयु वर्ग में पहली बार निर्वाचित सदस्यों की संख्या 53 है जो कि अधिकतम है जबकि तीन सदस्य 76-80 वर्ष आयु वर्ग में हैं जो कि निम्नतम है। यह एक रोचक तथ्य है कि सोलहवीं लोक सभा में 25-30 वर्ष के आयु वर्ग में निर्वाचित सभी 12 सदस्य पहली बार लोक सभा के सदस्य बने हैं। पहली बार निर्वाचित कुल 315 सदस्यों में से 169 सदस्य अर्थात् 54% सदस्य 51 वर्ष और इससे ऊपर के आयु वर्ग में आते हैं।

पहली बार निर्वाचित सदस्यों के अलग-अलग आयु वर्ग
आयु वर्ग सदस्यों की संख्या
25-30 12
31-35 17
36-40 27
41-45 41
46-50 49
51-55 46
56-60 53
61-65 40
66-70 15
71-75 12
76-80 03
इसमें लोक सभा के लिए पहली बार निर्वाचित दो लोक सभा क्षेत्रों वडोदरा और वाराणसी से चुने गए सदस्य भी सम्मिलित हैं।

सदस्यों की शैक्षिक पृष्ठभूमि

सोलहवीं लोक सभा के सदस्यों के पास विविध शैक्षिक योग्यताएं हैं किन्तु उनके द्वारा ग्रहण की गयी उनकी उच्चतम शैक्षिक योग्यता को ही ध्यान में रहा गया है। मोटे तौर पर उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि को छह श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है अर्थात् अंडर मैट्रिक, मैट्रिक, अंडर ग्रेजुएट, ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टरेट।

स्नातक सदस्यों की संख्या 226 (कुल सदस्य संख्या का 41.62 प्रतिशत) है जो 16वीं लोक सभा में शैक्षिक योग्यता में सबसे बड़ा वर्ग है। इस वर्ग में 160 सदस्य स्नातकोत्तर तक शिक्षा प्राप्त हैं जो दूसरा सबसे बड़ा वर्ग है।

सदस्यों की शैक्षिक पृष्ठभूमि की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि 33 सदस्यों के पास डॉक्टरेट की उपाधि है। 92 सदस्य मैट्रिक/इंटर पास हैं और 17 सदस्य अवर मैट्रिक हैं। वर्तमान लोक सभा में 77% से भी अधिक सदस्य स्नातक और उससे ऊपर शिक्षा प्राप्त हैं।

सदस्यों की शैक्षिक पृष्ठभूमि
अंडर मैट्रिकुलेट/प्रमाणित पाठ्यक्रम/अन्य 17 3.13
मैट्रिक, इंटर/हाई सेकेंडरी, डिप्लोमाधारक 92 16.95
अंडर ग्रेजुएट 15 2.77
ग्रेजुएट (समकक्ष तकनीकी/व्यावसायिक योग्यता प्राप्त सदस्य भी सम्मिलित हैं।) 226 41.62
पोस्ट ग्रेजुएट (समकक्ष तकनीकी/व्यावसायिक योग्यता प्राप्त सदस्य भी सम्मिलित हैं।) 160 29.46
डॉक्टरेट 33 6.07

सदस्यों का व्यवसाय

16वीं लोक सभा के सदस्यों की व्यावसायिक पृष्ठभूमि का अध्ययन यह दर्शाता है कि सदस्य अनेक व्यवसायों और पेशों से जुड़े हुए हैं। अधिकांश सदस्य एक से अधिक व्यवसाय से जुड़े हुए हैं लेकिन सदस्यों ने जिस व्यवसाय का उल्लेख सबसे पहले किया है केवल उसी व्यवसाय को ध्यान में रखा गया है। व्यवसायों से संबंधित उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन्हें मुख्यतः 15 व्यवसायों में वर्गीकृत किया गया है। सदस्यों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सबसे बड़ा समूह कृषक/किसानों का है और लगभग 166 सदस्य इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। 133 सदस्यों का दूसरा सबसे बड़ा वर्ग सामाजिक या राजनैतिक कार्यकर्ताओं का है। 16वीं लोक सभा में 79 व्यवसायी, 54 अधिवक्ता और 26 चिकित्सक हैं।

व्यावसायिक पृष्ठभूमि के संबंध में पहली और दूसरी लोक सभा में दूसरा सबसे बड़ा समूह कृषकों का था। यह रोचक तथ्य है कि तीसरी लोक सभा से लेकर सोलहवीं लोक सभा तक व्यावसायिक श्रेणियों में कृषकों, किसानों का समूह सबसे बड़ा समूह रहा है। नौवीं लोक सभा के पश्चात् व्यावसायिक दृष्टि से राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समूह दूसरे स्थान पर रहा है। पन्द्रहवीं लोक सभा में क्रमश: 193 सदस्यों (35.54 प्रतिशत) और 147 सदस्यों (27.07 प्रतिशत) ने कृषकों और राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के रूप में अपने व्यवसाय की घोषणा की थी। यह उल्लेखनीय है कि पहली और दूसरी लोक सभा में अधिवक्ताओं वकीलों का समूह सबसे बड़ा समूह था जिसमें क्रमशः अधिवक्ता 153 (35.42 प्रतिशत) और वकील 147 (30-25 प्रतिशत) थे। तीसरी, पांचवीं, छठी, सातवीं और आठवीं लोक सभा में वकीलों का समूह दूसरा सबसे बड़ा समूह था।

543 सदस्यों की व्यावसायिक पृष्ठभूमि
सदस्यों की संख्या प्रतिशत
कृषक/किसान 166 30.57
सामाजिक और राजनैतिक कार्यकर्ता 133 24.49
व्यवसायी, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर 79 14.54
अधिवक्ता 54 9.94
चिकित्सक 26 4.78
कलाकार, फिल्म कलाकार 17 3.13
प्रोफेसर, शिक्षाविद, शिक्षक, शिक्षक (सेवानिवृत्त) 26 4.78
उद्योगपति, भवन निर्माता 10 1.84
पत्रकार, लेखक 7 1.28
सिविल, पुलिस और मिलिट्री सेवाएं, राजनयिक 7 1.28
धार्मिक मिशनरी, समाज सुधारक 2 0.36
खिलाड़ी, क्रिकेटर 2 0.36
रणनीतिक परामर्शदाता, परामर्शदाता 5 0.92
इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट 5 0.92
अन्य 4 0.73

16वीं लोक सभा के सदस्यों का विधायी अनुभवः मुख्य बातें

विधायी अनुभव सदस्यों के जीवनवृत्त का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है। 16वीं लोक सभा के सदस्यों के विधायी अनुभव से संबंधित अध्ययन में लोक सभा, राज्य सभा, राज्यों की विधान सभा और विधान परिषद की सदस्यता सम्मिलित है। 16वीं लोक सभा की एक मुख्य विशेषता यह है कि लोक सभा में 315 सदस्य पहली बार निर्वाचित हुए हैं जो कि कुल सदस्य संख्या का 58 प्रतिशत है। विधायी अनुभव के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार हैं-

  • 315 सदस्य पहली बार निर्वाचित हुए हैं (58 प्रतिशत)।
16 वीं लोकसभा के लिए एक सदस्य पहली बार वडोदरा और वाराणसी, दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुना गया है।
  • 62 में से 40 महिला सदस्य पहली बार निर्वाचित हुई हैं (64.5 प्रतिशत)।
  • पहली बार निवाचित 315 सदस्यों में से 190 सदस्यों (60.31 प्रतिशत) का लोक सभा, राज्य सभा, राज्यों की विधान सभाओं और विधान परिषदों का कोई विधायी अनुभव नहीं है।
  • 225 निर्वाचित सदस्यों के पास पूर्व लोक सभा का अनुभव है।
  • 169 सदस्य 15वीं लोक सभा से पुनः निर्वाचित हुए हैं (150 पुरुष और 19 महिलाएं)।
  • 30 सदस्यों के पास राज्य सभा का अनुभव है।
  • 211 सदस्य राज्यों में विधान सभा के सदस्य थे।
  • 25 सदस्य राज्यों में विधान परिषद के सदस्य थे।
  • नौ बार निवाचित सदस्य श्री कमल नाथ लोक सभा के वरिष्ठतम सदस्य हैं। उन्हें वर्तमान लोक सभा का सामयिक अध्यक्ष चुना गया।
  • महिला सदस्यों में, श्रीमती सुमित्रा महाजन को नौवीं से सोलहवीं लोक सभा तक एक ही निर्वाचन क्षेत्र, इंदौर (मध्य प्रदेश) से लगातार आठ बार निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त है। श्रीमती महाजन को 6 जून, 2014 को 16वीं लोक सभा के अध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति से निर्वाचित किया गया।

16वीं लोक सभा के लिए पहली बार निर्वाचित सदस्यों में से उत्तर प्रदेश से 54 नए सदस्य चुने गए हैं जो सर्वाधिक हैं। तमिलनाडु से 35 सदस्य चुने गए हैं जो दूसरा सबसे बड़ा समूह है।

पहली बार निर्वाचित सदस्य (राज्य-वार)
राज्य का नाम संख्या कुल सीटें प्रतिशत
आंध्र प्रदेश 18 25 72.00
असम 08 14 57.14
बिहार 17 40 42.50
चण्डीगढ़ 01 01 100.00
छत्तीसगढ़ 06 11 54.54
दिल्ली 07 07 100.00
गोवा 01 02 50.00
गुजरात 15 26 57.69
हरियाणा 07 10 70.00
हिमाचल प्रदेश 01 04 25.00
जम्मू और कश्मीर 04 06 66.66
झारखण्ड 06 14 42.85
कर्नाटक 11 28 39.28
केरल 04 20 20.00
लक्षद्वीप 01 01 100.00
मध्य प्रदेश 14 29 48.27
महाराष्ट्र 29 48 60.41
नागालैंड 01 01 100.00
ओडिशा 12 21 57.14
पुदुचेरी 01 01 100.00
पंजाब 06 13 46.15
राजस्थान 18 25 72.00
तमिलनाडु 35 39 89.74
तेलंगाना 10 17 58.82
त्रिपुरा 02 02 100.00
उत्तर प्रदेश 54 80 67.50
उत्तराखंड 03 05 60.00
पश्चिम बंगाल 23 42 54.76

16वीं लोक सभा की महिला सदस्य

16वीं लोक सभा में 62 महिलाएं निर्वाचित हुई हैं। यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है जो कुल सदस्य संख्या 543 का 11 प्रतिशत है। निर्वाचित महिला सदस्यों की संख्या जो पहली लोक सभा में 22 और दूसरी लोक सभा में 27 थी, 15वीं लोक सभा में बढ़कर 59 हो गई थी। महिला विजेताओं की सबसे कम संख्या 1977 में छठी लोक सभा में 19 थी।

16वीं लोक सभा में महिला सदस्यों की संख्या और प्रतिशत
पुरुष 481 88%
महिलाएं 62 11%

16वीं लोक सभा में 18 राज्यों और दो संघ राज्यक्षेत्रों, अर्थात् दिल्ली और चंडीगढ़ की महिला प्रतिनिधि हैं। प्रतिशत के संदर्भ में, 29 प्रतिशत महिला सदस्यों के साथ पश्चिम बंगाल का सर्वाधिक महिला प्रतिनिधित्व है। इस राज्य में 42 सदस्यों में से 12 महिला सदस्य हैं। उत्तर प्रदेश में 80 सीटों में से 13 महिला सदस्य चुनी गई हैं जो संख्या के मामले में सभी राज्यों में सर्वाधिक है।

महिला सदस्यों की राज्य-वार संख्या और उनका प्रतिशत
महिला संसद सदस्यों की संख्या संसद सदस्यों की कुल संख्या महिला संसद सदस्यों का प्रतिशत
पश्चिम बंगाल 12 42 29
उत्तराखंड 1 5 20
मध्य प्रदेश 5 29 17
जम्मू और कश्मीर 1 6 17
उत्तर प्रदेश 13 80 16
गुजरात 4 26 15
दिल्ली 1 7 14
असम 2 14 14
महाराष्ट्र 5 48 10
तमिलनाडु 4 39 10
ओडिशा 2 21 10
बिहार 3 40 8
पंजाब 1 13 8
आंध्र प्रदेश 2 25 8
तेलंगाना 1 17 6
केरल 1 20 5
राजस्थान 1 25 4
कर्नाटक 1 28 4
चंडीगढ़ 1 1 100
छत्तीसगढ़ 1 11 9.09

16वीं लोक सभा के लिए दल-वार निर्वाचित महिला सदस्यों की संख्या दशाई गई है। 16वीं लोक सभा में 15 राजनीतिक दलों की महिला प्रतिनिधि हैं। 30 सदस्यों के साथ, भारतीय जनता पार्टी का सर्वाधिक प्रतिनिधित्व है और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की 11 महिला सदस्य हैं जो दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। 16वीं लोक सभा में नौ राजनीतिक दलों की एक-एक महिला प्रतिनिधि है।

भारतीय जनता पार्टी
भारतीय जनता पार्टी, बीजेपी 30
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, अभातृकां 11
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भाराकां 4
आल इण्डिया अन्ना द्रविण मुनेत्र कषगम, अन्नाद्रमुक 4
बीजू जनता दल, बीजद 2
युवजन श्रमिक कांग्रेस पार्टी, युश्ररिकांपा 2
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी 1
तेलंगाना राष्ट्र समिति 1
शिव सेना 1
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 1
लोकजनशक्ति पार्टी 1
समाजवादी पार्टी 1
शिरोमणि अकाली दल 1
अपना दल 1

16वीं लोक सभा की महिला सदस्यों की औसत आयु 47 वर्ष है जो लोक सभा के कुल सदस्यों की औसत आयु अर्थात् 53.8 की तुलना में काफी कम है। उल्लेखनीय है कि पुरुष सदस्यों की औसत आयु 54.68 वर्ष है। सबसे कम आयु वर्ग 25-30 में 5 और सबसे बड़े आयु वर्ग 71-75 में 3 महिला सदस्य हैं। 41-45 वर्ष के आयु वर्ग में 10 सदस्य हैं जबकि अन्य 10 सदस्य 46-50 आयु वर्ग में हैं, जिसका अर्थ है कि कुल निर्वाचित महिला सदस्यों में से लगभग एक तिहाई सदस्य 41 से 50 के बीच के आयु वर्ग में से हैं। 62 महिला सदस्यों में से 22 सदस्यों (35.48 प्रतिशत) की आयु 50 वर्ष से अधिक है।

महिला सदस्यों का विभिन्न आयु वर्गों में विभाजन

25-30 5
31-35 7
36-40 8
41-45 10
46-50 10
51-55 7
56-60 2
61-65 6
66-70 4
71-75 3
76-80 -
महिला सदस्यों का विभिन्न आयु वर्गों में वितरण
25-30 5
31-35 7
36-40 8
41-45 10
46-50 10
51-55 7
56-60 2
61-55 6
65–70 4
71-75 3

सभी 62 महिला सदस्यों की शैक्षिक योग्यता विवरण है। 27 महिला सदस्य (43 प्रतिशत) स्नातकोत्तर/व्यावसायिक स्नातकोत्तर हैं। 18 महिला सदस्य स्नातक/व्यावसायिक स्नातक हैं। तीन का महिला सदस्य अवर मैट्रिक हैं।

महिला सदस्यों की शैक्षिक योग्यता
शैक्षिक योग्यता सदस्यों की संख्या प्रतिशत
अंडर मैट्रिकसर्टिफाइड कोर्स 03 4.83
मैट्रिक 13 20.96
अंडर ग्रेजुएट 01 1.61
ग्रेजुएट/प्रोफेशनल ग्रेजुएट 18 29.03
पोस्ट ग्रेजुएट प्रोफेशनल पोस्ट ग्रेजुएट 27 43.54

16वीं लोक सभा की महिला सदस्यों में से 21 महिला सदस्य सामाजिक/ राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। 11 महिला सदस्य कृषि से जुड़ी हैं, 6 व्यवसायी  और 5 अधिवक्ता हैं। यह उल्लेखनीय है कि 62 महिला सदस्यों में 6 कलाकार और 6 चिकित्सक हैं जो कुल महिला सदस्यों का लगभग 20 प्रतिशत है।

महिला सदस्यों का व्यवसाय
व्यवसाय महिला सदस्यों की संख्या प्रतिशत
राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता 21 33.87
कृषक/किसान 11 17.74
व्यवसायी 6 9.67
अधिवक्ता 5 8.06
कलाकार 6 9.67
चिकित्सक 6 9.67
शिक्षक/शिक्षाविद्/लेखक 5 8.06
अवकाश प्राप्त सरकारी कर्मचारी 1 1.61
गृहिणी 1 1.61

16वीं लोक सभा के लिए पहली बार निर्वाचित 4o महिला सदस्यों में से उत्तर प्रदेश से 9 महिला सदस्य निर्वाचित हुई हैं जबकि पश्चिम बंगाल से वर्तमान लोक सभा के लिए 8 महिला सदस्य पहली बार निर्वाचित हुई हैं। उल्लेखनीय है कि 62 महिला सदस्यों में से 40 सदस्य पहली बार निर्वाचित हुई हैं जोकि कुल महिला सदस्यों का 64.51 प्रतिशत है।

16वीं लोक सभा में पहली बार निर्वाचित महिला सदस्य (राज्य-वार)
राज्य का नाम महिला सदस्यों की संख्या कुल सीटों की संख्या
आन्ध्र प्रदेश 02 25
असम 01 14
बिहार 01 40
चण्डीगढ़ 01 01
दिल्ली 01 07
गुजरात 02 26
कर्नाटक 01 28
केरल 01 20
मध्य प्रदेश 02 29
महाराष्ट्र 03 48
ओडिशा 02 21
राजस्थान 01 25
तमिलनाडु 04 39
तेलंगाना 01 17
उत्तर प्रदेश 09 80
पश्चिम बंगाल 08 42

कुछ मुख्य निष्कर्षों में अन्य बातों के साथ-साथ निम्न शामिल हैं:

  • 16वीं लोक सभा के सदस्यों की औसत आयु 53.8 वर्ष है और यह दूसरी सर्वाधिक आयु वाले सदस्यों की सभा है, हालांकि महिला सदस्यों की औसत आयु 47 वर्ष है जोकि काफी कम है; 16वीं लोक सभा के लिए 62 महिला सदस्य निर्वाचित हुई हैं जोकि सर्वाधिक संख्या हैं।
  • यह उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की 42 सीटों पर 12 महिलाएं निर्वाचित हुई हैं जोकि 29 प्रतिशत है।
  • 16वीं लोक सभा की एक विशेषता यह है कि 315 सदस्य पहली बार निर्वाचित हुए हैं। 481 पुरुष सदस्यों में से 275 सदस्य पहली बार निर्वाचित हुए हैं जोकि 57.17 प्रतिशत है।
  • 62 महिला सदस्यों में से 40 महिलाएं पहली बार निर्वाचित हुई हैं जोकि 64.51 प्रतिशत हैं।
  • 315 नए सदस्यों में से 190 सदस्यों (60.31 प्रतिशत) ने पहली बार विधायी क्षेत्र में प्रवेश किया है।
  • 16वीं लोक सभा में विविध व्यवसाय वाले सदस्यों का प्रतिनिधित्व है किंतु इसमें कृषि और सामाजिक कार्यकर्ता वर्ग से सर्वाधिक सदस्य निर्वाचित होकर आए हैं।
  • वर्तमान लोक सभा में 77 प्रतिशत से अधिक सदस्यों की शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे अधिक है और इनमें 26 चिकित्सक और 33 डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त सदस्य शामिल हैं।

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