संकटग्रस्त जीवों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय Convention on International Trade in Endangered Species - CITES

1975 के इस अभिसमय को विशेष रूप से विश्व के संकटग्रस्त जीवों और पादपों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये निर्मित किया गया है। यह जीवित नमूनों तथा अधिसूचित जीवों से प्राप्त किये गये उत्पादनों के व्यापार को नियमित करता है। सीआईटीईएस के अनुच्छेद 1 में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के कारण लुप्त होने की कगार पर स्थित 700 जीवों की सूची जारी की गयी है। लेकिन अभिसमय सम्पूर्ण नहीं है। संकटग्रस्त जीवों को तस्करी के माध्यम से दूसरे देशों में लाया जाता है, फिर दस्तावेजों को इस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है मानो ये जीव उन क्षेत्रों से आये हो जहां वे प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *