चंडी प्रसाद भट्ट को मिला अंतरराष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार Chandi Prasad Bhatt Receive International Gandhi Peace Prize

अंतरराष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार (International Gandhi Peace Prize)  - 2013 के लिए गांधीवादी और पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट को चुना गया | उनके चयन की घोषणा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाले निर्णायक मंडल ने 28 फरवरी 2014 को की| निर्णायक मंडल के अन्य सदस्य भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी सदाशिवम, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, राज्यसभा सदस्य कर्ण सिंह और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकष्ण गांधी हैं.

अंतरराष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार के तहत विजेता को 1 करोड़ रुपये की धनराशि (विश्व की किसी भी मुद्रा में परिवर्तनीय), प्रशस्तिपत्र और एक उत्तरीय दिया जाता है| यह वार्षिक पुरस्कार सभी राष्ट्रों, जातियों, लिंग के लोगों के लिए है, जिन्होंने सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बदलावों को अहिंसा एवं अन्य गांधीवादी तरीकों द्वारा प्राप्त किया है.

भारत सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति में दिया जाने वाला वार्षिक पुरस्कार है, जिसे महात्मा गांधी के शांति सिद्धांतों को श्रद्धांजलि स्वरूप, भारत सरकार ने सन् 1995 में उनके 125वें जन्म-दिवस पर आरंभ किया था|

प्रथम गाँधी शांति पुरस्कार सन् 1995 में तंजानिया के प्रथम राष्ट्रपति के जूलियस नायरेरे को प्रदान किया गया था। सन् 2009 में यह पुरस्कार द चिल्ड्रेन्स लीगल सेंटर को दुनिया भर में बाल मानवाधिकार को बढ़ावा देने के लिए दिया गया।

चंडी प्रसाद भट्ट Chandi Prasad Bhatt

एक गांधीवादी पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता श्री चंडी प्रसाद भारत के पर्यावरण आंदोलन के संस्‍थापकों में से एक हैं। महात्‍मा गांधी के शांति और अहिंसा के दर्शन के अनुयायी श्री भट्ट ने चिपको आंदोलन का भी नेतृत्व किया| । उन्‍होंने अहिंसा का मार्ग अपनाकर गढ़वाल हिमालय में वनों को काटने से रोकने के लिए 1970 के दशक के शुरू में पेड़ो को गले लगा लिया। श्री भट्ट की पर्यावरण संरक्षण की यह यात्रा सन् 1956 में बद्रीनाथ में जय प्रकाश नारायण और नेता श्री मान सिंह रावत के भाषण सुनने के पश्चात प्रारंभ हुई| उन्‍होंने गांव वालों का जीवन सुधारने और उत्‍तराखंड के गरीबों के उत्‍पीड़न और उनकी बुरी आदतों को छुड़ाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया।

गांधीवादी सिद्धांतों में यकीन रखने वाले श्री भट्ट ने अहिंसक सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। सन् 1964 में उन्‍होंने दशौली ग्राम स्‍वराज्‍य संघ (बाद में DGSM) की स्‍थापना करके लोगों को संगठित किया| श्री भट्ट ने गाँधीवादी विचारों पर लघु उद्योग शुरू किये और इसके लिए वन संसाधनों का इस्‍तेमाल किया। गांव वालों को उनके घर के नजदीक रोजगार दिया गया और बुनाई, मधुमक्‍खी पालन, जड़ी बूटी संग्रह और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया| बाहरी व्‍यावसायिक हितों से गांवों में पर्यावरण को बचाने और गांव वालों के वैध अधिकारों की रक्षा करने के लिए उन्‍होंने दशौली ग्राम स्‍वराज्‍य संघ के सदस्‍यों और गांव वालों को 1973 में एकजुट किया और उनसे कहा कि वे पेड़ों को गिराने की इजाजत देने के बजाय उन्‍हें गले लगायें (गढ़वाली में अंगवालबोतना)। यहीं से गढ़वाल में गांधीवादी अहिंसक सत्‍याग्रह के रूप में प्रसिद्ध चिपको आंदोलन शुरू हुआ। इस आंदोलन में बड़ी संख्‍या में महिलाएं भी शामिल हुईं। इसके बाद सरकार को 1973 में वन नीतियों में संशोधन करना पड़ा।

चिपको आंदोलन ने दुनिया भर का ध्यान अपनी तरफ खींचा| श्री भट्ट को पर्यावरण को बचाने में उनके बहुमूल्‍य कार्य और सामुदायिक नेतृत्‍व के लिए 1982 में रैमन मेगासेसे पुरस्‍कार और 2005 में पद्मभूषण से सम्‍मानित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार प्राप्तकर्ता Recipients of International Gandhi Peace Prize 
वर्ष Year नाम Name विवरण Description देश Country
1995 जूलियस नायरेरे तंजानिया के प्रथम राष्ट्रपति तंज़ानिया
1996 ए टी अरियारत्ने सर्वोदय श्रमदान आंदोलन के संस्थापक श्री-लंका
1997 गेर्हार्ड फिशर कोढ़ एवं पोलियो पर इनके शोध के लिए प्रसिद्ध जर्मनी
1998 रामकृष्ण मिशन स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित भारत
1999 बाबा आम्टे समाज सेवक भारत
2000 नेल्सन मंडेला (सह-प्राप्तकर्ता) दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति (भूतपूर्व) दक्षिण अफ्रीका
2000 ग्रामीण बैंक (सह-प्राप्तकर्ता) मुहम्मद यूनुस द्वारा स्थापित बांग्लादेश
2001 जॉन ह्यूम उत्तरी आयरिश राजनीतिज्ञ उत्तरी आयरलैंड
2002 भारतीय विद्या भवन भारतीय संस्कृति पर जोर देने वाला शैक्षणिक ट्रस्ट भारत
2003 वैक्लेव हैवेल चेकोस्लोवाकिया के अंतिम और चेक गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति चेक गणराज्य
2004 कोरेट्टा स्कॉट किंग मार्टिन लूथर किंग की विधवा सयुंक्त राज्य अमेरिका
2005 डेस्मंड टूटू दक्षिण अफ़्रीका के क्लेरिक एवं सक्रिय कार्यकर्ता दक्षिण अफ़्रीका
2009 द चिल्ड्रेन्स लीगल सेंटर विश्व भर में बाल मानवाधिकार को बढ़ावा देने के लिए ब्रिटेन
2013 चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और चिपको आंदोलन के अग्रणी नेता भारत

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