जैव मंडल Biosphere

  • देश के पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण तथा आनुवांशिक विविधता के परिक्षण के उद्देश्य से जैव मंडल संरक्षित क्षेत्रोँ की स्थापना की गई है।
  • देश मेँ अब तक 15 जैव मंडल संरक्षित क्षेत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
  • विश्व धरोहर अभिसमय के अंतर्गत भारत मेँ 5 नैसर्गिक स्थानों को विश्व धरोहर के रुप मेँ जाना जाता हैं, ये पांच स्थान काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (असम), मानस वन्य जीव अभ्यारण (असम), सुंदरबन (पश्चिम बंगाल), नंदा घाटी (उत्तराखंड) तथा केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) हैं।
  • भारत में जिव जंतुओं की 89,000 से अधिक प्रजातियां हैं।
पक्षियों के आश्रय स्थल
नामराज्य
केवलादेव घाना (भरतपुर)राजस्थान
वेदाथांगलतमिलनाडु
रंगनाथिटुकर्नाटक
सलीम अलीजम्मू-कश्मीर
  • अंडमान निकोबार द्वीप समूह मेँ सर्वाधिक 94 वन्य जीव अभ्यारण हैं तथा सबसे अधिक 12 राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश राज्य मेँ हैं।
  • राष्ट्रीय कार्बेट पार्क (उत्तराखंड) भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ संरक्षित स्थल एवं नागार्जुन सागर क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा बाघ संरक्षित स्थल है।
  • नीलगिरि, सुंदरवन, मन्नार की खाडी एवं नंदा देवी (अक्टूबर, 2004) को यूनेस्को मेँ जीव मंडल आरक्षित क्षेत्र के वैश्विक नेटवर्क के अंतर्गत मान्यता प्रदान की गई है।
  • बांदीपुर (कर्नाटक) हाथियों का, गिर (गुजरात) एशियाई बब्बर शेर तथा नामदफा (अरुणाचल प्रदेश) तेंदुए के सबसे बड़े आवास स्थल हैं।
  • राजस्थान व मालवा क्षेत्र मेँ पाये जाने वाले ग्रेट इंडियन बस्टर्ड एवं मणिपुर की विशिष्ट हिरण प्रजाति संगाई के संरक्षण के लिए प्रयास हो रहै हैं।
  • राष्ट्रीय प्राणी उद्यान नई दिल्ली मेँ हैं। भारतीय वन्य प्राणी संस्थान देहरादून मेँ स्थित है।
प्रजाति विशेष से सम्बंधित अभ्यारण
प्रजाति का नामअभ्यारण का नाम
जंगली गधाकच्छ का छोटा रण (गुजरात)
एक सींग वाला गैंडाकाजीरंगा (असम), जलदापाड़ा (असम)
सफ़ेद भालूदाचीगाम (जम्मू-कश्मीर
एशियाई सिंहगिर गुजरात
ऊंटरेगिस्तान नेशनल पार्क (राजस्थान)
  • भारत मेँ वन्य जीव अनुसंधान का कार्य भारतीय वन्य जीवन संस्थान देहरादून और सलीम अली पक्षी विज्ञान और प्राकृतिक इतिहास केंद्र, कोयंबटूर करते हैं।
  • गंगा परियोजना निदेशालय का नया नाम राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय रखा गया है।
  • पदमखा नायडू हिमालयन वन्य प्राणी उद्यान दार्जिलिंग मेँ है। उत्तराखंड मेँ केदारनाथ अभ्यारण कस्तूरी मृग हेतु प्रसिद्ध है।
  • राष्ट्रीय पर्यावरण माह प्रतिवर्ष 19 नवंबर से 18 दिसंबर तक मनाया जाता है।

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