जीवाणु Bacteria

क्लारेफिल विहीन, प्रोकैरियोटिक कोशिका वाले सरल कोशिकीय सूक्ष्म जीव हैं। जीवधारियों के वर्गीकरण में इन्हें जगत-मोनेरा के अंतर्गत रखा जाता है। जीवाणुओं की खोज सर्वप्रथम 1683 में हालैण्ड के वैज्ञानिक, एण्टीनीवान ल्यूवेनहॉक ने की थी। इन्होंने अपने द्वारा आविष्कार की गयी सूक्ष्मदर्शी में सर्वप्रथम जीवाणुओं को देखा तथा उन्हें एनीमैलीक्यूल कहा। एरेनबर्ग (1829) ने इन सूक्ष्मजीवियों को सर्वप्रथम बैक्टीरिया नाम दिया। जीवाणुओं के अध्ययन के क्षेत्र में एण्टीनीवान ल्यूवेनहॉक के योगदान के कारण इन्हें जीवाणु विज्ञान का पिता कहते हैं।

पशुओं के रोग
पशु का नामवायरस का नामरोग का नाम
गायबैरियोला वैक्सीनियाचेचक
भैंसपॉक्सविरिडी आथॉपॉक्सचेचक
चौपायेरैब्डोविरिडी वैसोक्यूलो वायरसज्वर
गायब्लू टंग वायरसब्लू टंग
गायहर्पीज वायरसहर्पीज
गाय एवं भैंसपैरामिक्सोविरीडी मोरविली वायरसरिण्डपेस्ट डिजीज
गाय एवं भैंसपिकोरनाविरीडी एफथो वायरसमुंहपका एवं खुरपका
चौपाये (विशेषतया: कुत्ता)स्ट्रीट वायरसरेबीज

जीवाणुओं की क्रियाएं

हानिकारक

  1. बीमारियां: जीवाणु पौधों, जंतुओं एवं मनुष्यों में अनेक प्रकार की बीमारियां उत्पन्न करते हैं। इनका वर्णन पहले ही किया जा चुका है।
  2. भोजन को विषैला बनाना: कुछ जीवाणु खाद्य पदार्थों को विषैला बना देते हैं। इससे खाने वाले की मृत्यु तक हो जाती है।
  3. विनाइट्रीकरण: कुछ जीवाणु भूमि की उपयोगी नाइट्रोजन को अमोनिया एवं N2 में परिवर्तित कर देते हैं। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है।
  4. भूमिगत पाइपों में सड़न पैदा करना: कुछ जीवाणु भूमि में पाये जाने वाले सल्फेट्स को अपचयित कर देते हैं, इससे बदबू पैदा होती है। यह प्रक्रिया जब भूमिगत पादपों में होती है तो उनसे दुर्गध आने लगती है।

लाभदायक

  1. चमड़ा उद्योग: जीवाणुओं का उपयोग इस उद्योग में किया जाता है। जीवाणु चमड़े की वसा का विघटन कर देते हैं।
  2. औषधि उद्योग: औषधियां बनाने के लिये प्रतिजैविक एवं कुछ एन्जाइम्स उपयोग में लाये जाते हैं, जिन्हें जीवाणुओं से प्राप्त किया जाता है। प्रतिजैविक (Antibiotics) वे पदार्थ हैं, जो सूक्ष्मजीवों (Micro-Organism) द्वारा उत्पन्न किये जाते हैं तथा सूक्ष्मजीवों को विनष्ट करते हैं।
  3. सिरका उद्योग: इस उद्योग में एसीटोबैक्टर एसिटी नामक जीवाणु द्वारा सिरका बनाया जाता है। सिरका, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का महत्वपूर्ण रसायन है।
  4. रेशे निकालना: रेशे प्रदान करने वाले विभिन्न पौधों जैसे - सन, पटसन, जूट इत्यादि से क्लास्ट्रीडियम ब्यूटीरियम नामक जीवाणु की सहायता से रेशे निकाले जाते हैं। यह क्रिया रेटिंग कहलाती है।
  5. डेयरी उद्योग: दूध में उपस्थित लैक्टिक एसिड, दूध की लैक्टोज शर्करा को दही या लैक्टिक एसिड में बदलते हैं, जिससे मक्खन प्राप्त किया जाता है।

जीवाणुओं (Bacteria) द्वारा होने वाले मनुष्य में कुछ प्रमुख रोग

रोग का नाम

प्रभावित अंगरोग के लक्षणजीवाणु का नाम
निमोनियाफेफड़ेफेफड़ों में संक्रमण, फेफड़ों में जल भर जाना, तीव्र ज्वर, श्वास लेने में पीड़ा होनाडिप्लोकोकस न्यूमोनी (Diplococcus pneumoniae)
टिटेनसतंत्रिका तन्त्र तथा माँसपेशियाँशरीर में झटके लगना, जबड़ा न खुलना, बेहोशीक्लोस्ट्रीडियम टिटैनी (Clostridium tetani)
बाट्यूलिज्मतन्त्रिका तन्त्र (Double Vision), श्वास लेने में पीड़ावमन (Vomiting), दोहरी दृष्टिक्लोस्ट्रीडियम बाट्यूलिनम (Clostridium botulinum)
मियादी बुखारआँत का रोगज्वर दुर्बलता, अधिक प्रकोप होने पर आँतों में छेद हो जानासालमोनेला टाइफी (salmonella typhi or eberthella typyosa)
कुष्ठ (कोढ़)त्वचा तथा तन्त्रिकाएँव्रणों तथा गाँठों (Nodules) का बन जाना, हाथ तथा पैर की उगलियों के ऊतकों (Tissues) का धीरे-धीरे नष्ट होनामाइकोबैक्टीरियम लेप्री


(Mycobacterium leprae)

क्षयरोग (Tuberculosis)शरीर का कोई भी अंग, विशेषकर फेफड़ेज्वर, खाँसी, दुर्बलता, श्वास फूलना, बलगम आना तथा थूक में रक्त का आनामाइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium tuberculosis)
हैजा (Cholera)आंत या आहार नालनिर्जलीकरण, वमन (Vomiting), दस्तविब्रियो कोमा (Vibrio Comma)
डिप्थीरियाश्वास नली (Trachea)तीव्र ज्वर, श्वांस लेने में पीड़ा, दम घुटनाकोरीनेबैक्टीरियम डिप्थेरी (Corynebacterium diphtheriae)
काली खांसी

(Whooping Cough)

श्वसन तन्त्रनिरन्तर आने वाली तेल खाँसी, खाँसी के साथ वमनहेमोफिलस परटूसिस (Hemophilous pertusis)
सिफिलिस (Syphilis)जनन अंग, मस्तिक, तत्रिका तन्त्रजननांगों पर चकते बनना, लकवा, त्वचा पर दाने, बालों का झडनाट्रेपोनेमा पॉलीडम (Treponema  pallidum)
प्लेग (Plague)बगलें या काँखे (Armpits) फेफड़े, लाल रक्त कणिकाएँतीव्र ज्वर, काँखों में गिलटी का निकलना, बेहोशीपॉसट्यूरेला पेस्टिस (Pasteurella pestis)
मेनिनजाइटिस (Meningitis)मस्तिष्क के ऊपर की झिल्लियाँ, मस्तिष्कतीव्र ज्वर, बेहोशी, मस्तिक की झिल्ली मेंनीसेरिया मेनिनजाइटिडिस शोथ या सूजन (Neisseria meningitidis)
डिसेन्ट्री (Dysentery)आँतदस्त आनाबेसीलस डिसेन्ट्री (Bacillus  dysenteriae)
गोनोरिया (Gonorrhoea)मादा जननांगजननांगों पर चकते बननानीसेरिया गोनोरी (Neisseria gonorrhoeae)
रूमेटिक ज्वर (Rheumatic fever)ज्वरज्वर तथा गाँठों का फूलना

स्ट्रेप्टोकोकस स्पसीज (Streptococcus spp.)


माइकोप्लाज्मा जनित पादप रोग Plant Disease Caused by Mycoplasma

रोग का नाम

पोषी पादप
तिल का फिल्लोडी (Sesamum phyllody)तिल
छोटी पत्ती (Little leaf disease)बैंगन तथा लेग्यूम
पपीता का बन्ची (Bunchy top of papaya)पपीता
मूंगफली का विचेस ब्रूम (Peanut witches broom)मूंगफली
आलू का विचेस ब्रूम (Potato witches broom)आलू
शकरकंद का छोटी पत्ती (Little leaf of sweet potato)शकरकन्द
शकरकंद का विचेस ब्रूम (Sweet Potato witches broom)शकरकन्द
टमाटर की बड़ी कली (Big bud of tomato)टमाटर
गन्ना की स्ट्राइप बीमारी (Stripe disease of sugarcane)

गन्ना

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